ईरान की सुरक्षा नीति में रेज़ाई की वापसी से बढ़ा रणनीतिक संकेत

ईरान की सुरक्षा नीति में रेज़ाई की वापसी से बढ़ा रणनीतिक संकेत

ईरान में राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे से जुड़ा एक अहम बदलाव सामने आया है। पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर मोहसेन रेज़ाई को 9 अगस्त 2026 को ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में प्रतिनिधि, सचिव और प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया। यह नियुक्ति राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने की और यह तब हुई जब मोहम्मद बाघेर ज़ोलघ़दर ने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल क्यों अहम है

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नीति तय करने वाली शीर्ष संस्था मानी जाती है। विदेश नीति, खुफिया मामलों और रक्षा से जुड़े बड़े फैसलों का समन्वय इसी मंच से होता है। औपचारिक रूप से इसकी अध्यक्षता ईरान के राष्ट्रपति करते हैं, इसलिए यह परिषद देश की रणनीतिक दिशा तय करने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।

रेज़ाई की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब ईरान क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों और कूटनीतिक संतुलन से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय है। इस बदलाव को केवल प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि सुरक्षा तंत्र में अनुभवी सैन्य पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की वापसी के रूप में देखा जा रहा है।

मोहसेन रेज़ाई का सैन्य और राजनीतिक अनुभव

मोहसेन रेज़ाई 1981 से 1997 तक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर रहे। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ सैन्य सलाहकार के रूप में भी काम किया और एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल के सदस्य रहे। यह परिषद ईरान में संवैधानिक सलाहकारी निकाय है और संसद तथा गार्जियन काउंसिल के बीच विवादों को सुलझाने में भूमिका निभाती है।

उनकी नियुक्ति से यह संकेत मिलता है कि ईरान अपनी सुरक्षा और विदेश नीति के निर्णयों में अनुभवी, संस्थागत और सैन्य पृष्ठभूमि वाले नेतृत्व को फिर से महत्व दे रहा है।

नेतृत्व में बदलाव और क्षेत्रीय संदर्भ

मोहम्मद बाघेर ज़ोलघ़दर ने 24 मार्च 2026 से सचिव पद संभाला था। उन्होंने अली लारीजानी की जगह ली थी, जिन्हें बाद में सुप्रीम लीडर के राजनीतिक सलाहकार की भूमिका में भेजा गया। परिषद के शीर्ष पद पर यह बदलाव ईरान की सुरक्षा संरचना में चल रहे पुनर्संतुलन को दर्शाता है।

क्षेत्रीय मीडिया ने 10 अगस्त 2026 को रेज़ाई की नियुक्ति को ईरान और ओमान के बीच होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े शिपिंग प्रबंधों पर चल रही कूटनीतिक कोशिशों से भी जोड़ा। होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की स्थिरता या तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की स्थापना 1979 की ईरानी क्रांति के बाद हुई थी।
  • सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ईरान के संविधान के तहत बनी शीर्ष सुरक्षा संस्था है।
  • होर्मुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है।
  • एक्सपीडिएंसी डिसर्नमेंट काउंसिल संसद और गार्जियन काउंसिल के बीच विवादों के समाधान में भूमिका निभाती है।

रेज़ाई की नियुक्ति ईरान की सुरक्षा नीति, क्षेत्रीय कूटनीति और समुद्री रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि परिषद की नई नेतृत्व टीम क्षेत्रीय तनाव और कूटनीतिक वार्ताओं को किस दिशा में ले जाती है।

Originally written on August 10, 2026 and last modified on August 10, 2026.

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