इजरायली वायुसेना में ‘गिदोन’ टैंकर से बढ़ी लंबी दूरी की मारक क्षमता

इजरायली वायुसेना में ‘गिदोन’ टैंकर से बढ़ी लंबी दूरी की मारक क्षमता

इजरायली वायुसेना ने 20 अगस्त 2026 को दक्षिणी इजरायल के नेवतिम एयरबेस पर अपने दूसरे ‘गिदोन’ हवाई ईंधन भरने और परिवहन विमान को शामिल किया। यह विमान बोइंग KC-46 पेगासस का संशोधित संस्करण है, जिसे अमेरिका से इजरायल के टैंकर आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत लाया गया है।

‘गिदोन’ विमान की भूमिका और क्षमता

KC-46 पेगासस मूल रूप से एक सैन्य हवाई ईंधन भरने वाला विमान है, जबकि इजरायल में इसका संशोधित रूप ‘गिदोन’ नाम से इस्तेमाल किया जा रहा है। यह विमान उड़ान के दौरान दूसरे विमानों को ईंधन देकर उनकी रेंज और मिशन अवधि बढ़ाता है। इसके जरिए लड़ाकू विमानों, परिवहन विमानों और लंबी दूरी की गश्ती उड़ानों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

इस प्लेटफॉर्म की खासियत इसका दोहरा रिफ्यूलिंग सिस्टम है। इसमें फ्लाई-बाय-वायर बूम सिस्टम के साथ-साथ ड्रोग-आधारित रिफ्यूलिंग सिस्टम भी है, जिससे यह अलग-अलग प्रकार के विमानों के साथ संगत हो जाता है। विमान 90 टन से अधिक ईंधन और 18 कार्गो पैलेट तक ले जा सकता है, इसलिए यह ईंधन भरने के साथ-साथ परिवहन कार्यों में भी उपयोगी है।

इजरायल की टैंकर बेड़े को नया रूप

यह दूसरा विमान उन छह KC-46 टैंकरों में से एक है, जिन्हें इजरायल ने ऑर्डर किया है। अमेरिकी सैन्य सहायता के तहत यह बेड़ा आठ स्वीकृत विमानों तक बढ़ सकता है। इन नए विमानों का उद्देश्य पुराने बोइंग 707 ‘री’एम’ टैंकरों की जगह लेना है, जो लगभग 60 वर्षों से सेवा में रहे हैं।

इजरायली वायुसेना के लिए यह बदलाव केवल पुराने विमानों के प्रतिस्थापन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उसकी दीर्घ दूरी की ऑपरेशनल क्षमता को भी मजबूत करता है। आधुनिक टैंकरों की मदद से वायुसेना अधिक समय तक हवा में रह सकती है और दूरस्थ लक्ष्यों पर अभियान चला सकती है।

नेवतिम एयरबेस और रणनीतिक महत्व

नेवतिम एयरबेस दक्षिणी इजरायल में स्थित है और इजरायली वायुसेना की प्रमुख संपत्तियों में से एक का ठिकाना है। पहला ‘गिदोन’ विमान 27 मई 2026 को सेवा में शामिल किया गया था, जबकि दूसरा विमान तीन महीने से भी कम समय बाद इजरायल पहुंचा। इसके कुछ ही दिनों में पूर्ण युद्ध-तैयारी हासिल करने की उम्मीद जताई गई थी।

हवाई ईंधन भरने वाले विमान को सैन्य शक्ति का फोर्स मल्टीप्लायर माना जाता है, क्योंकि ये सीमित ईंधन क्षमता वाले लड़ाकू विमानों की ऑपरेशनल पहुंच बढ़ाते हैं। इसी कारण आधुनिक टैंकर बेड़ा किसी भी वायुसेना की रणनीतिक गतिशीलता और लंबी दूरी की मारक क्षमता का अहम हिस्सा माना जाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बोइंग KC-46 पेगासस अमेरिका में विकसित एक सैन्य हवाई ईंधन भरने वाला विमान है।
  • इजरायल में KC-46 के संशोधित संस्करण को ‘गिदोन’ नाम दिया गया है।
  • नेवतिम एयरबेस दक्षिणी इजरायल में स्थित है और इजरायली वायुसेना का महत्वपूर्ण अड्डा है।
  • बोइंग 707 ‘री’एम’ लगभग 60 वर्षों से इजरायल की रिफ्यूलिंग सेवा में रहा है।

‘गिदोन’ की दूसरी इकाई का शामिल होना इजरायल की हवाई शक्ति को अधिक आधुनिक, लचीला और लंबी दूरी के अभियानों के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Originally written on August 21, 2026 and last modified on August 21, 2026.

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