इंडोनेशिया के माउंट ब्रोमो में जंगल की आग से पर्यटन और पर्यावरण पर संकट

इंडोनेशिया के माउंट ब्रोमो में जंगल की आग से पर्यटन और पर्यावरण पर संकट

इंडोनेशिया के पूर्वी जावा स्थित ब्रोमो तेंगर सेमेरू राष्ट्रीय उद्यान में लगी जंगल की आग ने माउंट ब्रोमो के आसपास के संवेदनशील भू-भाग को प्रभावित किया है। 3 अगस्त 2026 को शुरू हुई यह आग गुनुंग ब्रोमो, वातु गेड़े और जंतुर क्षेत्रों तक फैली और बाद में ज्वालामुखी के काल्डेरा के पास भी पहुंच गई। आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर, दमकल वाहन और ड्रोन तैनात किए गए, जबकि पर्यटकों की आवाजाही पर भी रोक लगानी पड़ी।

आग कैसे फैली और क्यों चुनौती बढ़ी

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती आग के बाद इलाके में तेज हवाओं और खड़ी चट्टानी ढलानों ने जमीन से आग बुझाने के प्रयासों को मुश्किल बना दिया। 9 अगस्त को राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी ने बताया कि दुर्गम भू-आकृति के कारण राहत दलों को आगे बढ़ने में बाधा आ रही थी। 10 अगस्त तक स्थानीय आपदा अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती आग बुझा दी गई थी, लेकिन लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र में नए हॉटस्पॉट सामने आए।

माउंट ब्रोमो एक सक्रिय ज्वालामुखी है और यह तेंगर ज्वालामुखीय परिसर का हिस्सा है। इसी वजह से यहां आग, धुआं और भू-आकृतिक जोखिमों का संयोजन राहत कार्यों को और जटिल बना देता है।

पर्यटकों के लिए बंद किए गए प्रवेश द्वार

आग के फैलाव और सुरक्षा जोखिम को देखते हुए 8 अगस्त 2026 को पार्क प्रशासन ने सभी प्रवेश द्वार अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए। यह कदम पर्यटकों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उठाया गया। ब्रोमो तेंगर सेमेरू राष्ट्रीय उद्यान इंडोनेशिया के सबसे प्रसिद्ध संरक्षित क्षेत्रों में गिना जाता है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक ज्वालामुखीय परिदृश्य देखने आते हैं।

वन एवं संबंधित एजेंसियों ने संकेत दिया कि आग पर पूरी तरह नियंत्रण होने तक निगरानी जारी रहेगी। इस दौरान हवाई जल-प्रहार यानी वाटर-बॉम्बिंग का उपयोग सबसे अहम रणनीति बना रहा।

जांच, राहत और आगे की कार्रवाई

स्थानीय प्रशासन ने शुरुआती आग के पीछे मानव लापरवाही या असावधानी की आशंका जताई है, खासकर उस मार्ग पर जहां से आग की शुरुआत मानी जा रही है। वन मंत्री राजा जुली एंटोनी ने कहा कि सभी सक्रिय हॉटस्पॉट बुझने तक हेलीकॉप्टरों से पानी गिराने का अभियान जारी रहेगा।

इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि संरक्षित प्राकृतिक क्षेत्रों में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े पर्यावरणीय संकट में बदल सकती है। ज्वालामुखीय भू-आकृति, सूखी वनस्पति और तेज हवाएं मिलकर आग को तेजी से फैलाने में मदद करती हैं, इसलिए ऐसे क्षेत्रों में निगरानी और आग-निरोधक तैयारी बेहद जरूरी होती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • माउंट ब्रोमो इंडोनेशिया के पूर्वी जावा में स्थित एक सक्रिय ज्वालामुखी है।
  • ब्रोमो तेंगर सेमेरू राष्ट्रीय उद्यान इंडोनेशिया का एक प्रमुख संरक्षित क्षेत्र है।
  • काल्डेरा ज्वालामुखी के विस्फोट या शिखर धंसने से बनी बड़ी अवसाद-आकृति होती है।
  • वाटर-बॉम्बिंग आग बुझाने की वह हवाई तकनीक है जिसमें हेलीकॉप्टर या विमान से पानी गिराया जाता है।

माउंट ब्रोमो की यह घटना पर्यावरण संरक्षण, आपदा प्रबंधन और पर्यटन सुरक्षा के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित करती है। संरक्षित क्षेत्रों में आग जैसी घटनाएं न केवल जैव-विविधता को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और यात्रा व्यवस्था पर भी असर डालती हैं।

Originally written on August 10, 2026 and last modified on August 10, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *