आरबीआई बोर्ड में नए नाम, केंद्रीय बैंक की निगरानी और मजबूत हुई
केंद्र सरकार ने 22 अगस्त 2026 को भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय बोर्ड में तीन नए भागकालिक, गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति की। सैयद अकबरुद्दीन, एनी जॉर्ज मैथ्यू और जनमेजय कुमार सिन्हा को चार साल के कार्यकाल के लिए नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के बाद आरबीआई के सक्रिय बोर्ड सदस्यों की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है।
कौन हैं नए निदेशक
नए नियुक्त सदस्यों की पृष्ठभूमि अलग-अलग क्षेत्रों से आती है, जिससे बोर्ड को प्रशासनिक, आर्थिक और नीतिगत अनुभव का लाभ मिल सकता है। सैयद अकबरुद्दीन भारत के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि रह चुके हैं। एनी जॉर्ज मैथ्यू भारतीय लेखा एवं लेखा सेवा की अधिकारी हैं और नई दिल्ली में 16वें वित्त आयोग की पूर्णकालिक सदस्य हैं। जनमेजय कुमार सिन्हा एक अर्थशास्त्री हैं और बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप एशिया-पैसिफिक के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं।
आरबीआई केंद्रीय बोर्ड की भूमिका
आरबीआई का केंद्रीय बोर्ड केंद्रीय बैंक का सर्वोच्च प्रशासनिक निकाय है। यह बोर्ड बैंक की सामान्य निगरानी और दिशा-निर्धारण से जुड़े अधिकारों का प्रयोग करता है। इसमें आधिकारिक निदेशक, गैर-सरकारी निदेशक और सरकार द्वारा नामित सदस्य शामिल होते हैं। यही बोर्ड मौद्रिक और संस्थागत ढांचे से जुड़े व्यापक प्रशासनिक निर्णयों की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है।
नियुक्ति किस कानून के तहत हुई
इन नियुक्तियों को भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 8(1)(c) के तहत मंजूरी दी गई है। यह धारा गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति से संबंधित है। इसी अधिनियम के तहत आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड का गठन होता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि आरबीआई की स्थापना 1935 में इसी कानून के आधार पर हुई थी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना 1935 में आरबीआई अधिनियम, 1934 के तहत हुई थी।
- आरबीआई का केंद्रीय बोर्ड बैंक का शीर्ष शासी निकाय है।
- धारा 8(1)(c) गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति से संबंधित है।
- अपॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ द कैबिनेट केंद्र सरकार की कई वरिष्ठ नियुक्तियों को मंजूरी देती है।
इन नियुक्तियों से आरबीआई बोर्ड में विविध अनुभव और विशेषज्ञता जुड़ती है। बैंकिंग व्यवस्था, वित्तीय स्थिरता और नीतिगत निगरानी के लिहाज से केंद्रीय बोर्ड की संरचना हमेशा महत्वपूर्ण मानी जाती है।