आयुष क्षेत्र में एआई की नई एंट्री, भारतएआई से बढ़ेगी डिजिटल रिसर्च की रफ्तार

आयुष क्षेत्र में एआई की नई एंट्री, भारतएआई से बढ़ेगी डिजिटल रिसर्च की रफ्तार

आयुष मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारतएआई मिशन ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य आयुष क्षेत्र में शोध, डिजिटल स्वास्थ्य, नवाचार, औषधीय पौधों और औषधि प्रशासन से जुड़े कामों को तकनीक के जरिए अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।

आयुष और भारतएआई की साझेदारी का मकसद

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब स्वास्थ्य, शोध और डेटा-आधारित निर्णयों में एआई की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आयुष मंत्रालय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी से जुड़ी नीतियों, शिक्षा, शोध और विकास का काम देखता है। दूसरी ओर, भारतएआई मिशन देश में एआई अवसंरचना, डेटासेट और नवाचार क्षमता को मजबूत करने के लिए बनाया गया राष्ट्रीय कार्यक्रम है। इस सहयोग के जरिए आयुष प्रणालियों से जुड़े शोध परिणामों को डिजिटल रूप में संरक्षित और साझा करने पर जोर रहेगा। इससे पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में उपलब्ध जानकारी को अधिक संरचित तरीके से उपयोग किया जा सकेगा।

AIKosh प्लेटफॉर्म और कंप्यूटिंग सुविधा

समझौते के तहत आयुष मंत्रालय अपने पात्र स्वास्थ्य शोध संसाधनों को AIKosh प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इनमें डेटासेट, मेटाडेटा, एआई मॉडल, टूलकिट और उपयोग-केस शामिल हो सकते हैं। AIKosh, भारतएआई इकोसिस्टम से जुड़ा एक ऐसा मंच है, जहां एआई से संबंधित संसाधनों तक संरचित पहुंच दी जाती है। इसके अलावा, भारतएआई पहल के तहत जीपीयू-आधारित उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग सुविधा भी रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह सुविधा मशीन लर्निंग, बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग और मॉडल प्रशिक्षण जैसे कामों में उपयोगी होती है। आयुष क्षेत्र में यह शोधकर्ताओं और नवाचारकर्ताओं के लिए तकनीकी क्षमता बढ़ाने का माध्यम बन सकती है।

नवाचार चुनौती और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपयोग

इस साझेदारी का एक अहम हिस्सा IndiaAI Innovation Challenge 2026 है, जिसे आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर शुरू किया गया है। इसके तहत बाजार में उपयोग के लिए तैयार एआई समाधान आमंत्रित किए गए हैं, जो आयुष-आधारित प्रणालियों में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों का समाधान दे सकें। चयनित समाधानों को पायलट समर्थन और आगे चलकर सरकारी अनुबंध मिलने की संभावना भी रखी गई है। यह पहल पारंपरिक चिकित्सा को आधुनिक डिजिटल ढांचे से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे औषधीय पौधों के अध्ययन, शोध दस्तावेजीकरण और औषधि प्रशासन से जुड़े क्षेत्रों में भी एआई का उपयोग बढ़ सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आयुष का अर्थ है: आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी।
  • MeitY का पूरा नाम Ministry of Electronics and Information Technology है।
  • GPU-आधारित कंप्यूटिंग का उपयोग एआई मॉडल प्रशिक्षण और बड़े डेटा विश्लेषण में किया जाता है।
  • MoU यानी Memorandum of Understanding सरकारी और संस्थागत सहयोग का सामान्य प्रारूप है।

यह समझौता पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में डेटा, शोध और तकनीक के मेल को मजबूत कर सकता है। आने वाले समय में इससे आयुष क्षेत्र में डिजिटल नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपयोग के नए अवसर बन सकते हैं।

Originally written on July 31, 2026 and last modified on July 31, 2026.

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