आईआईटी मद्रास की फाइबॉल पहल से बदलेगा टीम बास्केटबॉल का अंदाज

आईआईटी मद्रास की फाइबॉल पहल से बदलेगा टीम बास्केटबॉल का अंदाज

आईआईटी मद्रास ने अपने चेन्नई परिसर में फाइबॉल नाम से एक नया तीन-टीम प्रतिस्पर्धी खेल शुरू किया है, जिसे पारंपरिक बास्केटबॉल की तुलना में कम जगह और कम बुनियादी ढांचे में खेला जा सकता है। यह पहल खेल नवाचार की दिशा में संस्थान के प्रयोगों का हिस्सा है और इसमें खेल के नियम, टीम संरचना और स्कोरिंग सिस्टम को अलग तरीके से तैयार किया गया है।

तीन टीम, अलग रणनीति और नया स्कोरिंग ढांचा

फाइबॉल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें एक ही मैच में तीन टीमें उतरती हैं। हर टीम में सात पंजीकृत खिलाड़ी होते हैं, जिनमें चार खिलाड़ी मैदान पर सक्रिय रहते हैं और तीन खिलाड़ी विकल्प के रूप में उपलब्ध रहते हैं। मैच तीन आठ-मिनट के क्वार्टर में खेला जाता है और हर बास्केट के लिए एक से तीन अंक मिल सकते हैं।

खेल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि हर क्वार्टर के बाद टीमों को उस बास्केट की रक्षा बदलनी होती है, जिससे खेल में लगातार रणनीतिक बदलाव आते रहते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य खेल को अधिक गतिशील बनाना और सीमित स्थान में भी प्रतिस्पर्धी खेल संभव बनाना है।

बास्केटबॉल से प्रेरणा, लेकिन अलग पहचान

फाइबॉल के नियमों को तैयार करने में बास्केटबॉल को आधार बनाया गया, लेकिन इसे पारंपरिक खेल से अलग पहचान देने के लिए कई बदलाव किए गए। इसके नियमों पर लगभग दो महीने तक कोचों के साथ चर्चा और योजना बनाई गई।

इस खेल की प्रेरणा आईआईटी मद्रास के ही एक अन्य नवाचार ओमेगाबॉल से भी जुड़ी है, जिसे 17 अप्रैल 2026 को शुरू किया गया था। ओमेगाबॉल तीन-टीम फुटबॉल का प्रारूप है और फाइबॉल उसी तरह के बहु-टीम इनवेज़न गेम्स की श्रेणी में आता है। इनवेज़न स्पोर्ट्स वे टीम खेल होते हैं जिनमें खिलाड़ी विपक्षी क्षेत्र में प्रवेश कर अंक बनाते हैं।

राष्ट्रीय खेल दिवस से जुड़ा लॉन्च और शुरुआती भागीदारी

फाइबॉल का शुभारंभ 28 अगस्त 2026 को किया गया, ताकि इसे भारत में 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस से जोड़ा जा सके। यह दिन मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो भारतीय खेल इतिहास के सबसे सम्मानित नामों में से एक हैं।

लॉन्च के शुरुआती चरण में सथ्यभामा विश्वविद्यालय, वीआईटी चेन्नई, द न्यू कॉलेज और वाईएमसीए कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन की भागीदारी रही। इससे संकेत मिलता है कि यह केवल एक संस्थागत प्रयोग नहीं, बल्कि शैक्षणिक और खेल समुदाय के बीच रुचि पैदा करने वाला प्रारूप बन सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बास्केटबॉल का आविष्कार जेम्स नैस्मिथ ने 1891 में अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के स्प्रिंगफील्ड में किया था।
  • भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस हर साल 29 अगस्त को मनाया जाता है।
  • मेजर ध्यानचंद भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी और ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता थे।
  • इनवेज़न स्पोर्ट्स ऐसे टीम खेल होते हैं जिनमें खिलाड़ी विपक्षी क्षेत्र में जाकर अंक बनाने की कोशिश करते हैं।

फाइबॉल जैसे प्रयोग दिखाते हैं कि खेलों का विकास केवल पारंपरिक प्रारूपों तक सीमित नहीं है। सीमित संसाधनों में भी नए खेल मॉडल तैयार किए जा सकते हैं, जो खिलाड़ियों, संस्थानों और खेल नवाचार से जुड़े लोगों के लिए नई संभावनाएं खोलते हैं।

Originally written on August 29, 2026 and last modified on August 29, 2026.

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