आंध्र प्रदेश में बनेगा देश का पहला क्वांटम-एआई विश्वविद्यालय परिसर

आंध्र प्रदेश में बनेगा देश का पहला क्वांटम-एआई विश्वविद्यालय परिसर

आंध्र प्रदेश सरकार ने अमरावती में देश के पहले समर्पित क्वांटम और एआई विश्वविद्यालय परिसर को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना डीप-टेक शिक्षा, शोध और कौशल विकास को एक ही परिसर में जोड़ने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। परिसर का विकास इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी यानी NIELIT करेगा।

डीप-टेक शिक्षा के लिए नया संस्थागत ढांचा

NIELIT पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और स्किलिंग से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है। अब अमरावती में बनने वाला यह परिसर क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, VLSI और सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। यह पहल भारत में उच्च शिक्षा को केवल डिग्री-आधारित नहीं, बल्कि शोध और उद्योग-उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पाठ्यक्रम, क्षमता और वित्तीय योजना

प्रस्तावित विश्वविद्यालय में स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी, डिप्लोमा और एग्जीक्यूटिव कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 730.70 करोड़ रुपये है, जिसे पांच वर्षों में पूरा किया जाएगा। केंद्र सरकार के MeitY की ओर से इस परियोजना के लिए 100 प्रतिशत ग्रांट-इन-एड दिया जाएगा।

परिसर में 1.25 लाख वर्ग फुट का क्वांटम रिसर्च, इनोवेशन और इन्क्यूबेशन ब्लॉक बनाया जाएगा। इसके साथ सौर ऊर्जा आधारित नेट-जीरो सुविधाएं और 500 बिस्तरों की आवासीय क्षमता भी प्रस्तावित है। इससे यह परिसर केवल शैक्षणिक केंद्र नहीं, बल्कि स्टार्टअप और अनुसंधान गतिविधियों का भी हब बन सकता है।

अमरावती में स्थायी परिसर, गुन्टूर में अस्थायी शुरुआत

विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर अमरावती में विकसित किया जाएगा, जबकि शैक्षणिक कार्यक्रम सितंबर 2026 से आचार्य नागार्जुन विश्वविद्यालय, गुन्टूर में शुरू किए जाएंगे। रिपोर्टों में अमरावती में 8.5 एकड़ और निदमर्रु में 10 एकड़ साइट का उल्लेख किया गया है।

इस परियोजना की नींव फरवरी 2026 में तब पड़ी थी, जब NIELIT ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान आंध्र प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। अगले पांच वर्षों में 8,250 शिक्षार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें 1,650 विद्यार्थी डिग्री कार्यक्रमों में और 6,600 शिक्षार्थी स्किलिंग तथा सर्टिफिकेशन कोर्सों के माध्यम से प्रशिक्षित किए जाएंगे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • NIELIT, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक डीम्ड-टू-बी-यूनिवर्सिटी है।
  • क्वांटम कंप्यूटिंग में गणना के लिए क्वांटम-मैकेनिकल सिद्धांतों का उपयोग किया जाता है।
  • VLSI का पूरा नाम Very Large Scale Integration है और यह चिप डिजाइन से जुड़ा क्षेत्र है।
  • सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन का अर्थ सिलिकॉन वेफर पर इंटीग्रेटेड सर्किट का निर्माण है।

अमरावती में यह प्रस्तावित परिसर भारत की डीप-टेक क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। शिक्षा, शोध, नवाचार और कौशल विकास को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल आने वाले वर्षों में तकनीकी प्रतिभा तैयार करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Originally written on August 28, 2026 and last modified on August 28, 2026.

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