असम में एक करोड़ पौधारोपण अभियान की तैयारी
असम सरकार 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यव्यापी पौधारोपण अभियान शुरू करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पूरे राज्य में एक करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना, हरित क्षेत्र का विस्तार करना तथा समुदाय आधारित भागीदारी के माध्यम से लोगों को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना है। इस कार्यक्रम में लगभग 35 लाख महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में व्यापक जनसहभागिता देखने को मिलेगी।
विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व
विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष 1972 में पर्यावरण संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी। इस दिन दुनिया भर में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, कचरा प्रबंधन कार्यक्रम, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण शिक्षा से जुड़े विभिन्न आयोजन किए जाते हैं। यह दिवस लोगों को पर्यावरणीय चुनौतियों के प्रति जागरूक करने और सतत विकास की दिशा में प्रेरित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
स्वयं सहायता समूहों की भूमिका
असम में स्वयं सहायता समूह ग्रामीण विकास और सामाजिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार हैं। ये समूह मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा संचालित होते हैं और बचत, ऋण, स्वरोजगार तथा सामुदायिक विकास गतिविधियों में योगदान देते हैं। पौधारोपण अभियान में 35 लाख महिलाओं की भागीदारी से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक जागरूकता और सामुदायिक सहयोग भी मजबूत होगा।
वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
यह अभियान राज्य में हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। वनीकरण का अर्थ ऐसे क्षेत्रों में पेड़ लगाना है जहां पहले वन नहीं थे, जबकि वन पुनर्स्थापन का उद्देश्य क्षतिग्रस्त या अवनत वन क्षेत्रों को पुनर्जीवित करना होता है। बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण से मिट्टी संरक्षण, जल संसाधनों की सुरक्षा, जैव विविधता में वृद्धि तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने में सहायता मिल सकती है। इससे पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
सरकारी समीक्षा और कार्यान्वयन योजना
इस अभियान की तैयारियों को लेकर असम के पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री Atul Bora ने गुवाहाटी में समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पर्यावरण एवं वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, पौधों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर चर्चा की। इसे असम के सबसे बड़े समुदाय-आधारित पौधारोपण अभियानों में से एक माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र ने विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत वर्ष 1972 में की थी।
- भारतीय संख्या पद्धति में एक करोड़ का अर्थ 1 करोड़ = 10 मिलियन (एक करोड़) और एक लाख = 100,000 होता है।
- स्वयं सहायता समूह भारत में महिला सशक्तिकरण, सूक्ष्म वित्त और आजीविका गतिविधियों से व्यापक रूप से जुड़े हुए हैं।
असम का यह व्यापक पौधारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बन सकता है। यदि अभियान सफलतापूर्वक क्रियान्वित होता है, तो यह राज्य के हरित विकास, पारिस्थितिक संतुलन और जलवायु संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा प्रदान करेगा। साथ ही, लाखों महिलाओं की भागीदारी इसे सामाजिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टियों से एक महत्वपूर्ण पहल बनाती है।