UPI से आगे बढ़कर फिनटेक को नई दिशा देने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में 8 सितंबर 2026 को ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करते हुए भारतीय फिनटेक उद्योग से केवल भुगतान तक सीमित न रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल वित्तीय क्षमता अब क्रेडिट, बीमा, बचत, निवेश और पेंशन जैसे क्षेत्रों तक भी पहुंचनी चाहिए, ताकि आम उपभोक्ता और छोटे कारोबारियों को व्यापक वित्तीय सेवाएं मिल सकें।
UPI की सफलता के बाद अगला चरण
प्रधानमंत्री ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI को भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि अब फिनटेक सेक्टर को अगली छलांग लगानी होगी। UPI भारत की रियल-टाइम रिटेल पेमेंट प्रणाली है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने विकसित किया है। अगस्त 2026 में UPI ने 24 अरब से अधिक लेनदेन संसाधित किए, जो इसके व्यापक उपयोग और भरोसे को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि 2026 में UPI 11 देशों में सक्रिय था। कई साझेदार देशों में इसे स्थानीय प्रणालियों से जोड़ा गया है, जिससे धन प्रेषण यानी रेमिटेंस की लागत कम करने में मदद मिली है। यह भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली के अंतरराष्ट्रीय विस्तार का संकेत है।
फिनटेक के लिए चार प्राथमिकताएं
प्रधानमंत्री ने फिनटेक क्षेत्र के लिए चार सूत्रीय प्राथमिकता रोडमैप प्रस्तुत किया। इसमें मजबूत साइबर सुरक्षा, नैतिक डेटा संरक्षण मानक, नियामक और उद्योग के बीच नवाचार-आधारित सहयोग, तथा एक फिनटेक उपभोक्ता संरक्षण सूचकांक शामिल है। इन बिंदुओं का उद्देश्य डिजिटल वित्तीय सेवाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है।
उन्होंने भारतीय फिनटेक कंपनियों से विदेशी मानकों पर निर्भरता कम करके स्वदेशी भुगतान मानकों, प्रोटोकॉल और नियमों की ओर बढ़ने का भी आग्रह किया। यह संदेश ऐसे समय आया है जब भारत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और वित्तीय नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है।
नियमन और नई तकनीकों की भूमिका
भारत में फिनटेक गतिविधियों का नियमन वित्तीय सेवा के प्रकार के अनुसार अलग-अलग संस्थाएं करती हैं। इनमें भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण शामिल हैं। ऐसे बहु-नियामकीय ढांचे में नवाचार और उपभोक्ता सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रधानमंत्री ने एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम कंप्यूटिंग को वित्तीय सेवाओं के लिए उभरती हुई तकनीकें बताया। एजेंटिक एआई सीमित मानवीय हस्तक्षेप में कार्य कर सकती है, टोकनाइजेशन संवेदनशील वित्तीय डेटा को डिजिटल टोकन से बदलकर सुरक्षा बढ़ाता है, जबकि क्वांटम कंप्यूटिंग भविष्य में क्रिप्टोग्राफी और वित्तीय मॉडलिंग में उपयोगी हो सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ग्लोबल फिनटेक फेस्ट भारत में आयोजित होने वाला एक प्रमुख फिनटेक आयोजन है, जहां नीति और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है।
- UPI का संचालन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया करता है और यह तत्काल डिजिटल भुगतान की सुविधा देता है।
- PM स्वनिधि एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है, जो सड़क विक्रेताओं को कार्यशील पूंजी ऋण और डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन देती है।
- टोकनाइजेशन का उपयोग डिजिटल भुगतान में संवेदनशील वित्तीय डेटा के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है।
इस संबोधन से स्पष्ट है कि भारत का फिनटेक एजेंडा अब केवल भुगतान सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षित, समावेशी और तकनीक-आधारित वित्तीय सेवाओं के व्यापक विस्तार की ओर बढ़ रहा है।