भारत में मेडिकल टूरिज्म को 1 करोड़ वार्षिक मरीजों तक ले जाने की तैयारी
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने दिल्ली में आयोजित संजीवनी 2026 एक्सपो के दौरान भारत के लिए मेडिकल वैल्यू टूरिज्म का बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि देश में हर साल 1 करोड़ अंतरराष्ट्रीय मेडिकल टूरिस्ट लाने का लक्ष्य होना चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि पिछले सात वर्षों में 35 लाख विदेशी मरीज भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग कर चुके हैं।
भारत क्यों बन रहा है मेडिकल वैल्यू टूरिज्म का केंद्र
मेडिकल वैल्यू टूरिज्म का अर्थ है इलाज, सर्जरी, जांच और रिकवरी सेवाओं के लिए दूसरे देश की यात्रा करना। भारत इस क्षेत्र में तेजी से उभरा है क्योंकि यहां बड़े अस्पताल, विशेषज्ञ केंद्र और तृतीयक देखभाल सुविधाएं उपलब्ध हैं। एशिया, अफ्रीका, पश्चिम एशिया और अन्य क्षेत्रों से मरीज भारत आते हैं।
गोयल ने कहा कि भारत की उन्नत क्लिनिकल देखभाल विकसित देशों की तुलना में 60% से 80% तक सस्ती हो सकती है। यही लागत-लाभ, विशेषज्ञता और अपेक्षाकृत कम प्रतीक्षा समय भारत को विदेशी मरीजों के लिए आकर्षक बनाते हैं।
पारदर्शिता, भरोसा और मान्यता पर जोर
मंत्री ने अस्पतालों से उपचार की कीमतें स्पष्ट रूप से सार्वजनिक करने को कहा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि अस्पताल सरकार के Heal in India ऑनलाइन गेटवे पर पंजीकरण कराएं, ताकि विदेशी मरीजों को भरोसेमंद और व्यवस्थित जानकारी मिल सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मरीजों का इलाज केवल राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स से मान्यता प्राप्त और सत्यापित अस्पतालों में ही होना चाहिए। इससे गुणवत्ता, सुरक्षा और मरीजों के भरोसे को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
सेवाओं का विस्तार और उद्योग के लिए नई दिशा
सरकार की प्रस्तावित रूपरेखा में विदेशी मरीजों के लिए कैशलेस भुगतान, तेज बीमा दावा निपटान और यात्रा से पहले टेली-कंसल्टेशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा भाषा अनुवादकों को प्रशिक्षित करने और मेडिकल टूरिज्म नेटवर्क को टियर-2 और टियर-3 शहरों तक फैलाने की योजना भी सामने रखी गई है।
इसी कार्यक्रम में गोयल ने स्थानीय मेडिकल डिवाइस निर्माताओं के लिए उन्नत परीक्षण उपकरणों पर भारतीय मानक ब्यूरो के माध्यम से 100% फंडिंग की घोषणा भी की। यह कदम घरेलू विनिर्माण, गुणवत्ता परीक्षण और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- Heal in India सरकार का मेडिकल टूरिज्म से जुड़ा ऑनलाइन गेटवे है।
- NABH भारत में अस्पतालों के लिए एक प्रमुख गुणवत्ता प्रत्यायन निकाय है।
- टियर-2 और टियर-3 शहर भारत के छोटे शहरी केंद्रों को दर्शाते हैं, जहां सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भारत का राष्ट्रीय मानक निकाय है।
भारत के लिए यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं, सेवा निर्यात और चिकित्सा उपकरण उद्योग, तीनों को एक साथ मजबूत करने वाली मानी जा रही है। यदि पारदर्शिता, गुणवत्ता और सुविधा पर काम तेज हुआ, तो देश वैश्विक मेडिकल टूरिज्म हब बनने की दिशा में और आगे बढ़ सकता है।