निती आयोग की PACT पहल से इलेक्ट्रिक ट्रकिंग को नई रफ्तार

निती आयोग की PACT पहल से इलेक्ट्रिक ट्रकिंग को नई रफ्तार

भारत में माल ढुलाई को कम-उत्सर्जन और अधिक संगठित बनाने की दिशा में निती आयोग ने 7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 5वें e-FAST India Summit के दौरान दो डिजिटल पहलों की शुरुआत की। इनमें Platform for Aggregating Clean Transport (PACT) और Zero Emission Truck (ZET) Marketplace शामिल हैं। इनका उद्देश्य इलेक्ट्रिक ट्रकों के उपयोग को बढ़ाना, चार्जिंग ढांचे की योजना को बेहतर बनाना और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के विभिन्न पक्षों को एक साझा मंच पर जोड़ना है।

PACT क्या है और यह कैसे काम करेगा

PACT एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो शिपर्स और लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं से माल ढुलाई की मांग को एकत्र करेगा। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किन मार्गों पर इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती व्यावहारिक और लाभकारी हो सकती है। साथ ही, यह प्लेटफॉर्म ट्रक संचालन की दृश्यता बढ़ाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना बनाने में भी सहायक होगा।

भारत में माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा सड़क परिवहन पर निर्भर है। ऐसे में यदि मांग, मार्ग और चार्जिंग जरूरतों का डेटा एक जगह उपलब्ध हो, तो नीति-निर्माण और निजी निवेश दोनों के लिए निर्णय लेना आसान हो जाता है।

ZET Marketplace से उद्योग को क्या लाभ

Zero Emission Truck Marketplace को इलेक्ट्रिक मालवाहन पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक व्यावसायिक जुड़ाव मंच के रूप में तैयार किया गया है। यह ट्रक निर्माताओं, लॉजिस्टिक्स कंपनियों, चार्जिंग ऑपरेटरों और वित्तीय संस्थानों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ता है। इससे खरीद, संचालन, चार्जिंग और वित्तपोषण से जुड़े संपर्क अधिक सरल और तेज हो सकते हैं।

इलेक्ट्रिक ट्रकों के प्रसार में वित्तपोषण एक बड़ी चुनौती रहा है। ऐसे में यह मंच बाजार के पक्षों को जोड़कर लागत घटाने और निवेश को आकर्षित करने में भूमिका निभा सकता है।

भारत की माल ढुलाई और उत्सर्जन चुनौती

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत में सड़क परिवहन लगभग 70% माल ढुलाई संभालता है। दूसरी ओर, भारी-भरकम ट्रक कुल वाहन बेड़े का केवल 3-4% हैं, लेकिन वे परिवहन क्षेत्र के कार्बन उत्सर्जन में एक-तिहाई से अधिक योगदान देते हैं। यही कारण है कि भारी वाहनों का विद्युतीकरण जलवायु और ऊर्जा नीति दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

देश में इलेक्ट्रिक फ्रेट वाहनों की तैनाती भी तेजी से बढ़ी है। FY25 में जहां 201 वाहन थे, वहीं FY26 में यह संख्या बढ़कर 826 हो गई। इसके अलावा, देशभर में 3,000 से अधिक इलेक्ट्रिक मीडियम और हेवी-ड्यूटी वाहन सक्रिय रूप से चल रहे हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • PACT का पूरा नाम Platform for Aggregating Clean Transport है।
  • ZET का पूरा नाम Zero Emission Truck Marketplace है।
  • इलेक्ट्रिक मीडियम और हेवी-ड्यूटी वाहनों को सामान्यतः e-MHDVs कहा जाता है।
  • 5वां e-FAST India Summit 2026 7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ।

नीति, डेटा और वित्तपोषण की भूमिका

इस पहल में विभिन्न मंत्रालयों और संस्थानों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी यह दिखाती है कि इलेक्ट्रिक ट्रकिंग केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि नीति, उद्योग और वित्त का संयुक्त विषय है। बैठक में ब्लेंडेड फाइनेंस, लीजिंग मॉडल और बेहतर डेटा सिस्टम जैसे उपायों पर भी जोर दिया गया, ताकि इलेक्ट्रिक ट्रकों की लागत और पूंजीगत बोझ कम किया जा सके।

यदि मांग-संग्रह, चार्जिंग योजना और वित्तीय सहयोग एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो भारत में शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

Originally written on September 8, 2026 and last modified on September 8, 2026.

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