SEED योजना से घुमंतू समुदायों के सशक्तिकरण को नई गति
केंद्र सरकार की SEED योजना देश के उन समुदायों को सामाजिक और आर्थिक सहारा देने पर केंद्रित है, जो लंबे समय से शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और आजीविका जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे हैं। यह योजना विशेष रूप से विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के लिए बनाई गई है और इसे विकास एवं कल्याण बोर्ड के माध्यम से लागू किया जा रहा है।
SEED योजना क्या है और किसके लिए है
SEED का पूरा नाम Scheme for Economic Empowerment of DNTs है। इसका उद्देश्य इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके जीवन स्तर में सुधार करना है। विमुक्त समुदाय वे समूह हैं जिन्हें औपनिवेशिक काल में आपराधिक जनजातियों के रूप में अधिसूचित किया गया था और स्वतंत्रता के बाद उन्हें इस श्रेणी से हटाया गया। घुमंतू समुदायों की जीवनशैली गतिशील होती है, जबकि अर्ध-घुमंतू समुदाय आजीविका और बसावट के लिए मौसम के अनुसार स्थान बदलते हैं।
चार स्तंभों पर आधारित है योजना
SEED योजना को चार प्रमुख स्तंभों पर तैयार किया गया है—शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आवास। शिक्षा घटक के तहत पात्र छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग और 1,500 रुपये से 3,000 रुपये तक मासिक छात्रवृत्ति सहायता दी जाती है। दिव्यांग छात्रों के लिए अतिरिक्त सहायता का भी प्रावधान है। स्वास्थ्य घटक में बीमा सहायता शामिल है, जबकि आजीविका घटक समुदाय स्तर पर आय सृजन को बढ़ावा देता है। आवास घटक के तहत घर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
मौजूदा राष्ट्रीय योजनाओं से जुड़ाव
इस योजना की एक खास बात यह है कि इसमें अलग ढांचा खड़ा करने के बजाय मौजूदा राष्ट्रीय कार्यक्रमों का उपयोग किया जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आयुष्मान भारत और आवास सहायता के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे कार्यक्रमों को जोड़ा गया है। इससे लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने की प्रक्रिया सरल होती है और प्रशासनिक दोहराव कम होता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- SEED का पूरा नाम Scheme for Economic Empowerment of DNTs है।
- DWBDNC का अर्थ Development and Welfare Board for De-notified, Nomadic and Semi-Nomadic Communities है।
- यह बोर्ड केंद्र सरकार ने फरवरी 2019 में स्थापित किया था।
- आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार योजना 8 राज्यों और 112 जिलों तक पहुंच चुकी है तथा 1,34,361 लाभार्थियों को कवर कर चुकी है।
कार्यान्वयन और मौजूदा स्थिति
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत मुफ्त कोचिंग घटक के आवेदन फिलहाल स्थगित हैं, क्योंकि योजना को SEED 2.0 के रूप में वित्त वर्ष 2026-2031 के लिए संशोधित किया जा रहा है। सार्वजनिक दस्तावेजों में आय-योग्यता सीमा को लेकर अलग-अलग उल्लेख भी सामने आए हैं, इसलिए लाभार्थियों को आधिकारिक पोर्टल और अद्यतन दिशानिर्देशों पर ही भरोसा करना चाहिए।
कुल मिलाकर, SEED योजना उन समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा ढांचा है, जिन्हें ऐतिहासिक रूप से विकास की मुख्यधारा से बाहर रखा गया। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार से जुड़ी सहायता के जरिए यह योजना उनके स्थायी सशक्तिकरण की दिशा में काम करती है।