राजस्थान को पीएमएवाई-जी से 2.89 लाख पक्के घर, ग्रामीण आवास को नई रफ्तार
राजस्थान में ग्रामीण आवास को बड़ी मजबूती देते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत 2,89,355 पक्के घरों की मंजूरी दी है। इन घरों की कुल लागत 3,473 करोड़ रुपये बताई गई है। यह स्वीकृति 17 अगस्त 2026 को दी गई और राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्वीकृति पत्र मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को सौंपे गए।
ग्रामीण परिवारों तक पहुंचेगी आवास सहायता
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण देश के ग्रामीण क्षेत्रों में उन पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराने की योजना है, जिनकी पहचान सरकारी सर्वे और सत्यापन प्रक्रिया के जरिए की जाती है। इस योजना के तहत लाभार्थी परिवारों को घर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, ताकि कच्चे मकानों की समस्या कम हो और ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आए।
राजस्थान में इस मंजूरी को राज्य के ग्रामीण विकास और सामाजिक सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राज्य के बड़े हिस्से में अब भी आवासीय जरूरतें एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
सर्वे और पात्रता के नए मानदंड
राजस्थान में पीएमएवाई-जी के लिए 29,13,749 संभावित लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन सर्वे पूरा किया गया है। इसके आधार पर पात्र परिवारों की पहचान आगे बढ़ाई गई है। योजना के अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुसार अब दोपहिया वाहन रखने वाले परिवार भी आवास सहायता के पात्र हो सकते हैं।
इसके अलावा महिलाओं के लिए मासिक आय सीमा 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दी गई है। छोटे किसानों के लिए भी पात्रता का दायरा बढ़ाया गया है। अब 5 एकड़ तक असिंचित भूमि या 2.5 एकड़ तक सिंचित भूमि रखने वाले छोटे किसान भी योजना के दायरे में आ सकते हैं।
ग्रामीण विकास से जुड़ी अन्य घोषणाएं
आवास स्वीकृति के साथ ही केंद्र सरकार ने राजस्थान के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत 340.59 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मंजूरी भी दी है। यह योजना कृषि विकास और राज्य स्तर पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी है।
इसी कार्यक्रम में शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान में लखपति दीदी पहल का लक्ष्य 16 लाख से बढ़ाकर 32 लाख महिलाओं तक करने की बात भी कही। यह पहल स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने पर केंद्रित है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- PMAY-G का पूरा नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण है और यह ग्रामीण आवास सहायता से जुड़ी केंद्रीय योजना है।
- पक्का घर आमतौर पर ईंट, सीमेंट और कंक्रीट जैसी टिकाऊ सामग्री से बना स्थायी आवास होता है।
- PM-RKVY का संबंध कृषि विकास और राज्य परियोजनाओं के वित्तपोषण से है।
- लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने से जुड़ी है।
राजस्थान के लिए यह मंजूरी केवल घरों की संख्या बढ़ाने का कदम नहीं है, बल्कि ग्रामीण विकास, कृषि सहायता और महिला सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाने वाली नीति-प्रक्रिया का हिस्सा भी है।