मानस प्लेटफॉर्म क्या है?
देश में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और नशे से जुड़ी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 18 जुलाई 2024 को राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन ‘मानस’ (मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र) की शुरुआत की। यह पहल गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के सहयोग से शुरू की गई। यह मंच नागरिकों को नशे से संबंधित गतिविधियों की गोपनीय सूचना देने और नशा मुक्ति से जुड़ी सहायता प्राप्त करने का एक राष्ट्रीय माध्यम उपलब्ध कराता है।
‘मानस’ प्लेटफॉर्म क्या है?
‘मानस’ (मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र) एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आम नागरिक मादक पदार्थों की तस्करी, नशे की बिक्री, अवैध खेती तथा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग से संबंधित जानकारी संबंधित एजेंसियों तक पहुंचा सकते हैं। यह सेवा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1933, आधिकारिक पोर्टल, ई-मेल तथा उमंग (यूएमएएनजी) ऐप के माध्यम से उपलब्ध है। यह मंच देशभर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की 30 क्षेत्रीय इकाइयों तथा 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) से जुड़ा हुआ है, जिससे सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
सेवा का बढ़ता प्रभाव
जून 2026 तक ‘मानस’ प्लेटफॉर्म पर 9.94 लाख से अधिक संपर्क प्रयास दर्ज किए जा चुके थे। इसी अवधि तक पोर्टल पर नशीले पदार्थों से संबंधित 2,65,673 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिनके आधार पर 16,200 से अधिक कार्रवाई योग्य खुफिया इनपुट तैयार किए गए। इन सूचनाओं ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जुलाई 2026 तक हेल्पलाइन के माध्यम से 47,500 से अधिक कॉल पेशेवर परामर्श सेवाओं से जोड़ी जा चुकी थीं। इसके अलावा, शुरुआत से अब तक 32,900 से अधिक लोगों को नशे की लत से संबंधित सहायता प्रदान की गई, जबकि 12,800 से अधिक पुनर्वास अनुरोधों का समाधान किया गया।
संस्थागत ढांचा
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) भारत में मादक पदार्थों से संबंधित कानूनों के समन्वित प्रवर्तन के लिए केंद्रीय एजेंसी है। यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी पर नियंत्रण तथा विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी निभाता है। डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन सरकार की एक संस्था है, जो डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और ई-गवर्नेंस परियोजनाओं के विकास में सहयोग करती है। वहीं, उमंग (यूएमएएनजी) ऐप एकीकृत सरकारी सेवाओं तक मोबाइल के माध्यम से आसान पहुंच प्रदान करने वाला राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ‘मानस’ का पूरा नाम मादक पदार्थ निषेध आसूचना केंद्र (Madak Padarth Nishedh Asoochna Kendra) है।
- 1933 ‘मानस’ से जुड़ा राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर है।
- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- एएनटीएफ (Anti-Narcotics Task Force) का अर्थ एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स है, जो राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई करती है।
‘मानस’ राष्ट्रीय हेल्पलाइन भारत में नशे के खिलाफ अभियान को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह मंच न केवल मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों की सूचना देने का सुरक्षित माध्यम प्रदान करता है, बल्कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोगों को परामर्श और पुनर्वास सेवाओं से भी जोड़ता है। डिजिटल तकनीक और प्रभावी संस्थागत समन्वय के माध्यम से यह पहल नशामुक्त और सुरक्षित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।