BRICS नेटवर्क विश्वविद्यालय में नई थीम से अकादमिक सहयोग को मिली रफ्तार
BRICS नेटवर्क विश्वविद्यालय (BRICS NU) ने अपने सहयोगी ढांचे को और व्यापक बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। भारत की BRICS अध्यक्षता 2026 के दौरान 21 जुलाई 2026 को इसकी अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बोर्ड बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, जबकि 20 जुलाई 2026 को पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों पर एक सम्मेलन भी हुआ। यह पहल BRICS देशों के बीच उच्च शिक्षा, शोध और संस्थागत साझेदारी को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
BRICS नेटवर्क विश्वविद्यालय क्या है
BRICS नेटवर्क विश्वविद्यालय, BRICS समूह से जुड़े देशों का एक बहुपक्षीय विश्वविद्यालय नेटवर्क है। इसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। यह नेटवर्क थीमैटिक ग्रुप्स और साझेदार विश्वविद्यालयों के जरिए स्नातकोत्तर शिक्षा, संयुक्त शोध और अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य केवल संस्थानों को जोड़ना नहीं, बल्कि साझा शोध प्राथमिकताओं पर काम करना भी है।
गवर्नेंस, कार्ययोजना और सहयोग का नया चरण
अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बोर्ड BRICS NU का मुख्य निर्णयकारी निकाय है। जुलाई 2026 की बैठक में बोर्ड ने 2025–2028 की BRICS नेटवर्क विश्वविद्यालय कार्ययोजना की समीक्षा की, नई वेबसाइट पर चर्चा की और संस्थागत सहयोग तथा अकादमिक मोबिलिटी को मजबूत करने के उपायों पर विचार किया। इसी बैठक में एक साझा घोषणा-पत्र भी अपनाया गया, जो नेटवर्क के अगले चरण की दिशा तय करता है।भारत द्वारा पारंपरिक और स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों को एक नए अंतरराष्ट्रीय थीमैटिक ग्रुप के रूप में प्रस्तावित किया जाना भी महत्वपूर्ण रहा। सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव को व्यापक समर्थन दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि BRICS NU अब केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं रहकर ज्ञान की स्थानीय, सांस्कृतिक और पारंपरिक धाराओं को भी अकादमिक विमर्श में शामिल कर रहा है।
विस्तार और नए विषयों का जुड़ना
BRICS NU का विस्तार 2024 और 2025 में हुआ, जब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया को भी इसमें शामिल किया गया। इसी दौरान स्वास्थ्य विज्ञान, गणित, प्राकृतिक विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और मानविकी, तथा सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे नए थीमैटिक क्षेत्र जोड़े गए। यह विस्तार BRICS NU को अधिक विविध, बहु-विषयक और वैश्विक सहयोग के लिए अधिक उपयोगी बनाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- BRICS का विस्तार रूप है: Brazil, Russia, India, China और South Africa।
- BRICS Network University एक विश्वविद्यालय संघ है, जो सदस्य देशों के संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देता है।
- BRICS NU की अंतरराष्ट्रीय गवर्निंग बोर्ड घोषणा जुलाई 2026 में अपनाई गई।
- BRICS NU में थीमैटिक ग्रुप्स के जरिए संयुक्त शोध, छात्र आदान-प्रदान और संस्थागत साझेदारी को आगे बढ़ाया जाता है।
BRICS NU में पारंपरिक ज्ञान, नई थीमों और विस्तारित सदस्यता का जुड़ना यह दिखाता है कि यह नेटवर्क अब उच्च शिक्षा सहयोग का अधिक समावेशी मंच बन रहा है। आने वाले वर्षों में इसकी भूमिका BRICS देशों के बीच ज्ञान-आधारित साझेदारी को और मजबूत कर सकती है।