४० वर्ष से अधिक श्रमिकों के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच योजना शुरू
केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय ने ७ मई २०२६ को ४० वर्ष से अधिक आयु के श्रमिकों के लिए देशव्यापी मुफ्त वार्षिक स्वास्थ्य जांच योजना शुरू की। यह योजना कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ईएसआईसी के अस्पतालों और संबद्ध चिकित्सा केंद्रों के माध्यम से लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य श्रमिकों में गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित करना है।
योजना का उद्देश्य और दायरा
इस योजना के तहत बीमित श्रमिकों की हर वर्ष स्वास्थ्य जांच की जाएगी। इसमें हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और व्यावसायिक बीमारियों की शुरुआती पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जांच के दौरान यदि किसी बीमारी का पता चलता है, तो उसके उपचार और आवश्यक दवाइयों की सुविधा भी ईएसआईसी संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
ईएसआईसी के माध्यम से क्रियान्वयन
योजना का शुभारंभ दिल्ली के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, बसईदारापुर से किया गया। इसके साथ ही देशभर के ११ अन्य ईएसआईसी अस्पतालों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए। कर्मचारी राज्य बीमा निगम सामाजिक सुरक्षा ढांचे के अंतर्गत श्रमिकों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करता है।
स्वास्थ्य जांच में शामिल परीक्षण
राजस्थान के जयपुर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पहले दिन ४० वर्ष से अधिक आयु के ३०० बीमित व्यक्तियों की जांच की गई। परीक्षणों में मधुमेह जांच, रक्तचाप मापन, कोलेस्ट्रॉल जांच, एनीमिया परीक्षण, ईसीजी और छाती का एक्स-रे शामिल थे। इन परीक्षणों का उद्देश्य गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाना है।
व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रावधान
यह योजना खतरनाक कार्य क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए विशेष महत्व रखती है। रसायनों, विषैले पदार्थों और भारी मशीनों के संपर्क में रहने वाले श्रमिकों के लिए आयु की परवाह किए बिना अनिवार्य स्वास्थ्य जांच का प्रावधान किया गया है। यह पहल श्रमेव जयते कार्यक्रम के अंतर्गत श्रमिक कल्याण को मजबूत करने से जुड़ी मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” सामाजिक सुरक्षा संहिता, २०२० भारत के चार श्रम संहिताओं में से एक है। ” कर्मचारी राज्य बीमा निगम श्रमिकों और उनके आश्रितों को चिकित्सा एवं सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करता है। ” खतरनाक व्यवसायों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच अनिवार्य हो सकती है। ” भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज लगभग ३० करोड़ से बढ़कर ९४ करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच चुकी है। यह योजना श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नियमित स्वास्थ्य जांच से गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान संभव होगी, जिससे श्रमिकों की कार्यक्षमता और जीवन गुणवत्ता दोनों में सुधार आने की उम्मीद है।