कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की तैयारी, सिद्धारमैया देंगे इस्तीफा
Siddaramaiah ने 28 मई 2026 को बेंगलुरु स्थित अपने आधिकारिक आवास पर आयोजित नाश्ता बैठक के दौरान मंत्रिमंडल सहयोगियों को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के निर्णय की जानकारी दी। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री D. K. Shivakumar भी उपस्थित थे। कांग्रेस सरकार में यह नेतृत्व परिवर्तन वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद बने सत्ता-साझेदारी समझौते से जुड़ा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री और राज्यपाल की संवैधानिक भूमिका
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री राज्य की मंत्रिपरिषद का प्रमुख होता है। राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं और संवैधानिक परंपरा के तहत मुख्यमंत्री का इस्तीफा भी स्वीकार करते हैं। यदि कोई मुख्यमंत्री पद छोड़ता है, तो राज्यपाल उस नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं जिसके पास विधानसभा में बहुमत का समर्थन हो।
सत्ता-साझेदारी की राजनीतिक व्यवस्था
भारतीय राजनीति में सत्ता-साझेदारी व्यवस्था का उपयोग अक्सर गठबंधन सरकारों या पार्टी के अंदर नेतृत्व संतुलन बनाए रखने के लिए किया जाता है। Indian National Congress ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सरकार बनाई थी। उस समय से यह चर्चा रही कि Siddaramaiah और D. K. Shivakumar के बीच कार्यकाल को लेकर समझौता हुआ था, जिसके तहत सिद्धारमैया को पहले ढाई वर्ष का कार्यकाल दिया गया।
कांग्रेस विधायक दल और नेतृत्व परिवर्तन
कांग्रेस विधायक दल यानी कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी (CLP) राज्य विधानसभा में पार्टी के निर्वाचित विधायकों का समूह होता है। नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति में CLP बैठक आयोजित कर नए नेता का चुनाव किया जाता है। चुने गए नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया जाता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नए नेता के रूप में D. K. Shivakumar के नाम पर मुहर लग सकती है।
कर्नाटक की राजनीतिक पृष्ठभूमि
Karnataka में एकसदनीय विधानमंडल व्यवस्था है, जिसमें विधानसभा प्रमुख निर्वाचित सदन है। वर्ष 2026 में राज्यपाल Thaawarchand Gehlot थे। यदि D. K. Shivakumar मुख्यमंत्री बनते हैं, तो वे कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री होंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अनुच्छेद 164 राज्य के मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद की नियुक्ति से संबंधित है।
- Karnataka में एकसदनीय विधानमंडल व्यवस्था है।
- Thaawarchand Gehlot वर्ष 2026 में कर्नाटक के राज्यपाल थे।
- राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन है और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करती है।
कर्नाटक में प्रस्तावित नेतृत्व परिवर्तन राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। यह बदलाव कांग्रेस की आंतरिक रणनीति और सत्ता संतुलन को दर्शाता है, जिसका प्रभाव भविष्य की राजनीतिक दिशा पर पड़ सकता है।