हिमाचल में दो दशक बाद हिमालयी सेरो की वापसी
हिमाचल प्रदेश के डलहौजी कैचमेंट जंगलों में 4 अगस्त 2026 को हिमालयी सेरो का वीडियो रिकॉर्ड मिला, और यह लगभग दो दशक बाद इस इलाके से प्रजाति की पहली पुष्टि है। यह रिकॉर्ड पश्चिमी हिमालय में कलातोप-खज्जियार वन्यजीव अभयारण्य से लगे वन परिदृश्य में दर्ज किया गया, जिससे क्षेत्र की जैव-विविधता और वन्यजीव निगरानी को लेकर नई जानकारी सामने आई है।
पश्चिमी हिमालय के लिए अहम संकेत
हिमालयी सेरो, जिसका वैज्ञानिक नाम Capricornis thar है, मध्यम आकार का खुरदार स्तनधारी है। यह खड़ी, पथरीली और घने वनावरण वाली ढलानों में रहना पसंद करता है। इसकी पहचान गहरे रंग के शरीर, छोटे सींगों और दुर्गम पहाड़ी आवासों के अनुकूल शरीर संरचना से होती है। डलहौजी क्षेत्र में इसका वीडियो रिकॉर्ड मिलना इस बात का संकेत है कि पश्चिमी हिमालय के कुछ वन्य आवास अब भी इस प्रजाति के लिए उपयुक्त बने हुए हैं।
संरक्षण स्थिति और खतरे
यह प्रजाति IUCN रेड लिस्ट में Near Threatened श्रेणी में रखी गई है। इसके सामने मुख्य चुनौतियों में आवास का क्षरण, आवास का खंडित होना और शिकार शामिल हैं। भारत में इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में शामिल किया गया है, जो देश में वन्य प्राणियों को मिलने वाली सबसे ऊंची कानूनी सुरक्षा श्रेणी है।हिमालयी सेरो का वितरण हिमालयी क्षेत्र के साथ-साथ दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ हिस्सों तक फैला हुआ है। यह नेपाल, भूटान, उत्तर-पूर्वी भारत, म्यांमार और चीन के कुछ क्षेत्रों में भी पाया जाता है। भारत में यह प्रजाति विशेष रूप से पर्वतीय वन क्षेत्रों से जुड़ी मानी जाती है।
हिमाचल में पहले भी दर्ज हुई थी उपस्थिति
डलहौजी का यह रिकॉर्ड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पहले हिमाचल प्रदेश में इस प्रजाति की एक उल्लेखनीय उपस्थिति स्पीति क्षेत्र में दर्ज की गई थी। लगभग 25 दिसंबर 2020 को हर्लिंग गांव के पास इसका दृश्य रिकॉर्ड मिला था, जिसे हिमाचल में हिमालयी सेरो की पहली दर्ज मानव-देखी के रूप में नोट किया गया। हालांकि स्पीति जैसी ठंडी मरुस्थलीय ऊंचाई पर इसका दिखना असामान्य माना गया था, क्योंकि यह सामान्यतः वनाच्छादित हिमालयी ढलानों से जुड़ा जानवर है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हिमालयी सेरो का वैज्ञानिक नाम Capricornis thar है।
- यह IUCN रेड लिस्ट में Near Threatened श्रेणी में शामिल है।
- भारत में यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I में दर्ज है।
- हिमालयी सेरो मिजोरम का राज्य पशु है।
डलहौजी से मिला यह वीडियो रिकॉर्ड पश्चिमी हिमालय में प्रजाति वितरण के अध्ययन के लिए आधारभूत साक्ष्य के रूप में काम करेगा। ऐसे दुर्लभ स्तनधारियों की निगरानी में वन गश्त और कैमरा ट्रैप जैसी तकनीकें लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।