स्वदेशी ‘नेत्र’ एईडब्ल्यू एंड सी प्रणाली को मिला अंतिम परिचालन स्वीकृति प्रमाणपत्र
भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बड़ी मजबूती देते हुए नेत्र (Netra) एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) प्रणाली को 25 जून 2026 को फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस (FOC) प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने बेंगलुरु, कर्नाटक में आयोजित एक समारोह के दौरान यह प्रमाणपत्र भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपा। इस समारोह की अध्यक्षता एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने की। यह उपलब्धि भारत के स्वदेशी रक्षा अनुसंधान और आधुनिक हवाई निगरानी क्षमता के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) प्रणाली क्या है?
एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) एक विमान आधारित निगरानी प्रणाली है, जिसमें अत्याधुनिक रडार और मिशन सिस्टम लगाए जाते हैं। इसका मुख्य कार्य लंबी दूरी तक हवाई क्षेत्र की निगरानी करना, संभावित हवाई खतरों का समय रहते पता लगाना तथा वायु अभियानों के दौरान कमांड और नियंत्रण में सहायता प्रदान करना है। यह प्रणाली वायुसेना को वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी (Situational Awareness), युद्ध प्रबंधन और विभिन्न सैन्य अभियानों के बेहतर समन्वय में महत्वपूर्ण सहयोग देती है।
नेत्र कार्यक्रम का विकास
नेत्र एईडब्ल्यू एंड सी प्रणाली का विकास भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ और देश के रक्षा उद्योगों के संयुक्त सहयोग से किया गया है। इस परियोजना को अक्टूबर 2004 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से स्वीकृति मिली थी। लंबे अनुसंधान और परीक्षणों के बाद इस प्रणाली को वर्ष 2017 में इनिशियल ऑपरेशनल क्लियरेंस (IOC) प्राप्त हुआ। अब फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस मिलने के साथ यह प्रणाली पूर्ण रूप से परिचालन के लिए तैयार मानी जाएगी।
परिचालन महत्व और रणनीतिक भूमिका
नेत्र एईडब्ल्यू एंड सी प्रणाली का भारतीय वायुसेना विभिन्न अभियानों में सफलतापूर्वक उपयोग कर चुकी है। इसका संबंध ऑपरेशन सिंदूर तथा बालाकोट स्ट्राइक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों से भी रहा है। यह प्रणाली भारतीय वायुसेना की हवाई निगरानी क्षमता को सुदृढ़ बनाती है और पूरे हवाई क्षेत्र पर लगातार नजर रखने के साथ-साथ हवाई अभियानों के प्रभावी समन्वय में सहायता करती है। स्वदेशी तकनीक पर आधारित होने के कारण यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस (FOC) रक्षा प्रणालियों को इनिशियल ऑपरेशनल क्लियरेंस (IOC) के बाद मिलने वाली अंतिम परिचालन स्वीकृति होती है।
- डीआरडीओ (DRDO) भारत के रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाला प्रमुख रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है।
- एईडब्ल्यू एंड सी (AEW&C) प्रणाली का उपयोग हवाई खतरों का शीघ्र पता लगाने, निगरानी और युद्ध प्रबंधन के लिए किया जाता है।
- नेत्र कार्यक्रम को अक्टूबर 2004 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई थी।
नेत्र एईडब्ल्यू एंड सी प्रणाली को फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस मिलना भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भारतीय वायुसेना की हवाई निगरानी, कमांड एवं नियंत्रण तथा सामरिक तैयारी और अधिक मजबूत होगी। भविष्य में यह प्रणाली देश की वायु सुरक्षा और आधुनिक रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।