स्कॉटलैंड संसद में चुने गए तमिलनाडु के ट्रांसजेंडर नेता क्यू मणिवन्नन
तमिलनाडु मूल के गैर-द्विआधारी ट्रांसजेंडर भारतीय क्यू मणिवन्नन ने स्कॉटलैंड की राजनीति में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 8 मई 2026 को उन्हें एडिनबर्ग एंड लोथियंस ईस्ट क्षेत्र से स्कॉटिश संसद का सदस्य चुना गया। उन्होंने स्कॉटिश ग्रीन्स पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और होलीरूड पहुंचने वाले पहले दो ट्रांसजेंडर एमएसपी में शामिल बने।
स्कॉटिश संसद और होलीरूड
स्कॉटिश संसद स्कॉटलैंड की विकेन्द्रीकृत विधायिका है, जिसकी स्थापना स्कॉटलैंड एक्ट 1998 के बाद वर्ष 1999 में की गई थी। यह संसद एडिनबर्ग स्थित होलीरूड भवन में कार्य करती है। स्कॉटिश संसद के सदस्यों को एमएसपी यानी “मेंबर ऑफ स्कॉटिश पार्लियामेंट” कहा जाता है। यह संसद एक सदनीय व्यवस्था पर आधारित है और इसमें कुल 129 सदस्य होते हैं। स्कॉटलैंड को कुछ प्रशासनिक और विधायी मामलों में स्वायत्त अधिकार प्राप्त हैं, जिसके कारण यह संसद स्थानीय नीतियों और कानूनों पर निर्णय लेती है।
मणिवन्नन की ऐतिहासिक उपलब्धि
क्यू मणिवन्नन की जीत कई कारणों से ऐतिहासिक मानी जा रही है। वे ऐसे पहले व्यक्ति बने हैं जो यूनाइटेड किंगडम में स्थायी वीजा के बिना होलीरूड के लिए निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 2025 में एसएनपी सरकार द्वारा लाए गए नए कानून के तहत किसी भी प्रकार की वैध अनुमति या वीजा रखने वाले गैर-यूके नागरिकों को संसद चुनाव लड़ने की अनुमति दी गई थी। मणिवन्नन ने स्वयं को एक क्वियर तमिल प्रवासी और निम्न जाति पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति बताया है। उन्होंने अपने राजनीतिक विचारों को मजदूर वर्ग और हाशिये पर मौजूद समुदायों के अधिकारों से जोड़ा है।
शिक्षा और प्रवास पृष्ठभूमि
मणिवन्नन सितंबर 2021 में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉटलैंड पहुंचे थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट एंड्रयूज में अध्ययन किया। इससे पहले वे दिल्ली स्थित ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाई कर चुके हैं। वे अपने लिए they/them सर्वनाम का उपयोग करते हैं, जो उनकी गैर-द्विआधारी पहचान को दर्शाता है। उनकी राजनीतिक सक्रियता सामाजिक न्याय, लैंगिक समानता और अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों से जुड़ी रही है। उन्होंने फिलिस्तीन के समर्थन में भी सार्वजनिक रूप से अपने विचार व्यक्त किए हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” स्कॉटिश संसद एक सदनीय विधायिका है, जिसमें कुल 129 एमएसपी होते हैं। ” होलीरूड एडिनबर्ग में स्थित स्कॉटिश संसद भवन का प्रचलित नाम है। ” स्कॉटिश ग्रीन्स स्कॉटलैंड की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है, जो पर्यावरण और सामाजिक नीतियों का समर्थन करती है। ” छात्र वीजा यूनाइटेड किंगडम में सीमित अवधि के निवास की अनुमति का एक प्रकार होता है। क्यू मणिवन्नन की जीत केवल राजनीतिक सफलता नहीं बल्कि विविधता, लैंगिक पहचान और प्रवासी समुदायों के प्रतिनिधित्व की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह घटना वैश्विक राजनीति में समावेशिता और सामाजिक परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।