सेशेल्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान से किया सम्मानित
भारत और सेशेल्स के बीच मजबूत होते रणनीतिक एवं पर्यावरणीय संबंधों के बीच 28 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके सेशेल्स दौरे के दौरान “गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन” (Guardian of the Blue Horizon) सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सेशेल्स का विशेष प्रेसिडेंशियल डिस्टिंक्शन है और इसे पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास तथा समुद्री संसाधनों के संरक्षण में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए प्रदान किया जाता है। विशेष बात यह है कि यह पहला अवसर है जब सेशेल्स ने यह प्रतिष्ठित सम्मान किसी व्यक्ति को प्रदान किया है।
‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान क्या है?
गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन सेशेल्स सरकार द्वारा स्थापित एक विशेष राष्ट्रपति सम्मान है। यह सम्मान उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण, समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा और सतत विकास को बढ़ावा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। इस सम्मान को सेशेल्स का सर्वोच्च पर्यावरणीय सम्मान माना गया है। इसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर उन नेताओं के प्रयासों को मान्यता देना है जो जलवायु परिवर्तन से निपटने, समुद्री संसाधनों के संरक्षण और विकासशील देशों के सतत विकास में सहयोग प्रदान करते हैं।
ब्लू इकोनॉमी और जलवायु कार्रवाई का महत्व
इस सम्मान का प्रमुख आधार ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) की अवधारणा है। ब्लू इकोनॉमी का अर्थ समुद्री संसाधनों का ऐसा सतत और जिम्मेदार उपयोग है, जिससे आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण एक साथ सुनिश्चित किया जा सके। इसके साथ ही जलवायु कार्रवाई (Climate Action) भी इस सम्मान का महत्वपूर्ण आधार रही। जलवायु कार्रवाई में जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने (Mitigation) और उसके अनुरूप अनुकूलन (Adaptation) के लिए किए जाने वाले प्रयास शामिल होते हैं। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में नेतृत्व को वैश्विक स्तर पर अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है और यही इस सम्मान का मूल उद्देश्य भी है।
भारत-सेशेल्स संबंधों को मिली नई मजबूती
भारत और सेशेल्स के बीच लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग बना हुआ है। दोनों देश समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य कर रहे हैं। सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपीय राष्ट्र है और समुद्री संसाधनों के संरक्षण में उसकी विशेष भूमिका है। भारत भी हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग और ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए कई पहल कर रहा है। इस सम्मान को दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और साझा पर्यावरणीय प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
सम्मान का वैश्विक महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रदान किया गया यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग और विकासशील देशों के सहयोग के प्रति भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी दर्शाता है। यह सम्मान जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को भी रेखांकित करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित एक द्वीपसमूह (आर्किपेलागो) है।
- गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन सेशेल्स का विशेष प्रेसिडेंशियल डिस्टिंक्शन और सर्वोच्च पर्यावरणीय सम्मान है।
- ब्लू इकोनॉमी समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग, आर्थिक विकास और समुद्री पारिस्थितिकी संरक्षण से जुड़ी नीति अवधारणा है।
- यह सम्मान 28 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेशेल्स के राजकीय दौरे के दौरान प्रदान किया गया।
सेशेल्स द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ सम्मान प्रदान किया जाना भारत की पर्यावरणीय नेतृत्व क्षमता और समुद्री सतत विकास के प्रति उसकी वैश्विक प्रतिबद्धता की महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मान्यता है। यह सम्मान भारत-सेशेल्स संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ ब्लू इकोनॉमी, जलवायु कार्रवाई और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा।