वैश्विक जैव ईंधन चैंपियन फेलोशिप से जैव ईंधन अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम
जैव ईंधन के क्षेत्र में नवाचार और शोध को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस ने 30 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में 15 प्रारंभिक-करियर शोधकर्ताओं को पहले ग्लोबल बायोफ्यूल चैंपियन फेलोज़ के रूप में शामिल किया। इस पहल का उद्देश्य जैव ईंधन क्षेत्र में नई तकनीकों, अनुसंधान-आधारित समाधानों और भविष्य के नेतृत्व को विकसित करना है। चयनित प्रत्येक शोधकर्ता को अधिकतम 15,000 अमेरिकी डॉलर तक का शोध अनुदान प्रदान किया जाएगा और वे अगले दो वर्षों तक ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस के राजदूत के रूप में कार्य करेंगे।
ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस की भूमिका
ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस 34 सदस्य देशों और 14 अंतरराष्ट्रीय संगठनों का एक वैश्विक गठबंधन है। इसकी शुरुआत सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य जैव ईंधन के उत्पादन, उपयोग और अनुसंधान को बढ़ावा देकर स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करना तथा ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना है।
ग्लोबल बायोफ्यूल चैंपियन फेलोशिप की विशेषताएँ
ग्लोबल बायोफ्यूल चैंपियन फेलोशिप विशेष रूप से प्रारंभिक-करियर शोधकर्ताओं के लिए तैयार किया गया कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य जैव ईंधन क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहित करना, नवीन समाधान विकसित करना और युवा वैज्ञानिकों में नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित शोधकर्ताओं को वित्तीय सहायता के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर विशेषज्ञों के साथ कार्य करने का अवसर भी प्राप्त होगा। कार्यक्रम में “वॉयसेज़ ऑफ द चैंपियंस” नामक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें फेलोज़ ने जैव ईंधन उद्योग से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत किए। इससे शोध और उद्योग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया।
चयन प्रक्रिया और वैश्विक भागीदारी
फेलोज़ का चयन 32 देशों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर बहु-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। चयनित शोधकर्ता विश्व के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन, यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर, मोनाश यूनिवर्सिटी, पॉलीटेक्निक मॉन्ट्रियल, यूनिवर्सिटी ऑफ शेफ़ील्ड, इम्पीरियल कॉलेज लंदन तथा आईआईटी मद्रास से जुड़े हुए हैं। यह विविध प्रतिनिधित्व कार्यक्रम की वैश्विक पहुंच और गुणवत्ता को दर्शाता है।
संस्थागत महत्व
ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस के अंतरिम महानिदेशक तथा भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल इस पहल का नेतृत्व कर रहे हैं। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय भारत में पेट्रोलियम और ईंधन संबंधी नीतियों के लिए प्रमुख मंत्रालय है, जो ऊर्जा क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- जैव ईंधन पौधों, कृषि अवशेषों और जैविक अपशिष्ट जैसे बायोमास से तैयार किए जाने वाले ईंधन होते हैं।
- एथेनॉल, बायोडीजल और सतत विमानन ईंधन प्रमुख जैव ईंधनों में शामिल हैं।
- जी-20 विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसकी शिखर बैठक प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती है।
- इंडिया हैबिटेट सेंटर नई दिल्ली का एक प्रमुख सम्मेलन, सांस्कृतिक और नीति-विमर्श केंद्र है।
स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती वैश्विक आवश्यकता के बीच ग्लोबल बायोफ्यूल चैंपियन फेलोशिप जैसे कार्यक्रम भविष्य के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को नई दिशा प्रदान करेंगे। यह पहल न केवल जैव ईंधन क्षेत्र में अनुसंधान को गति देगी, बल्कि टिकाऊ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक सहयोग को भी मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।