विश्व बैंक-आईएमएफ में 2027 की अध्यक्षता पाकिस्तान के पास

विश्व बैंक-आईएमएफ में 2027 की अध्यक्षता पाकिस्तान के पास

पाकिस्तान को वर्ष 2027 के लिए विश्व बैंक समूह और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का आगामी अध्यक्ष नामित किया गया है। यह घोषणा 16 अक्टूबर 2026 को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित 2026 की वार्षिक बैठक के पूर्ण सत्र में हुई। पाकिस्तान के आर्थिक मामलों के मंत्री अहद खान चीमा यह जिम्मेदारी संभालेंगे।

अध्यक्षता का दायरा और महत्व

विश्व बैंक समूह और आईएमएफ की स्थापना 1944 में ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के बाद हुई थी। दोनों संस्थाओं के अपने-अपने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स हैं और ये उनके सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय हैं। प्रत्येक सदस्य देश की ओर से एक गवर्नर और एक वैकल्पिक गवर्नर इसमें प्रतिनिधित्व करते हैं। आम तौर पर ये जिम्मेदारी वित्त मंत्री या केंद्रीय बैंक के प्रमुख को दी जाती है।

दोनों संस्थाओं की वार्षिक बैठकें साथ होती हैं, लेकिन उनके बोर्ड अलग हैं। इन बोर्डों की अध्यक्षता को संस्थाओं के कार्यकारी नेतृत्व से भी अलग समझना चाहिए: विश्व बैंक समूह का नेतृत्व अध्यक्ष करते हैं, जबकि आईएमएफ का नेतृत्व प्रबंध निदेशक के पास होता है। लिहाजा पाकिस्तान की नई भूमिका बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठकों और कार्यवाही से जुड़ी है, न कि दोनों संस्थाओं के दैनिक संचालन से।

पाकिस्तान की भूमिका और पिछला कार्यकाल

चीमा विश्व बैंक में पाकिस्तान के गवर्नर भी हैं। घोषणा के बाद उन्हें विश्व बैंक समूह के कॉरपोरेट सचिवालय ने अध्यक्ष की जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने विश्व बैंक की उपाध्यक्ष और कॉरपोरेट सचिव अराधना कुमार-कपूर तथा निवर्तमान अध्यक्ष, पैराग्वे के कार्लोस कार्वालो स्पाल्डिंग से भी मुलाकात की।

पाकिस्तान ने इससे पहले 1953 में इन बोर्डों की अध्यक्षता की थी। ऐसे में 2027 की नियुक्ति लगभग सात दशक से अधिक समय बाद इस भूमिका में उसकी वापसी होगी। यह पद सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के बीच संवाद और वार्षिक बैठकों की कार्यवाही के संचालन से संबंधित है।

आईएमएफ कार्यक्रमों से जुड़ा वित्तीय संदर्भ

पाकिस्तान फिलहाल आईएमएफ के साथ 7 अरब अमेरिकी डॉलर के विस्तारित निधि सुविधा (ईएफएफ) कार्यक्रम और 1.4 अरब डॉलर की लचीलापन एवं स्थिरता सुविधा (आरएसएफ) व्यवस्था में शामिल है। ईएफएफ मध्यम अवधि की भुगतान-संतुलन समस्याओं का सामना कर रहे देशों को सहायता देता है। आरएसएफ पात्र देशों को जलवायु जोखिम सहित संरचनात्मक चुनौतियों से निपटने के लिए दीर्घकालीन वित्तपोषण उपलब्ध कराता है।

जारी कार्यक्रमों की समीक्षाओं पर सहमति के बाद पाकिस्तान के लिए 1.2 अरब डॉलर की अतिरिक्त आईएमएफ सहायता उपलब्ध हो सकती है। हालांकि, यह राशि आईएमएफ के कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

:

  • आईएमएफ और विश्व बैंक की स्थापना 1944 के ब्रेटन वुड्स सम्मेलन के बाद हुई थी।
  • आईएमएफ का मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी, अमेरिका में है।
  • विश्व बैंक समूह में पाँच संस्थाएँ शामिल हैं; इनमें अंतरराष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक और अंतरराष्ट्रीय विकास संघ प्रमुख हैं।
  • आईएमएफ का कार्यकारी बोर्ड संस्था के दैनिक कामकाज का संचालन करता है और पाकिस्तान के लिए अतिरिक्त वित्तपोषण को मंजूरी देना उसी के अधिकार क्षेत्र में है।

2027 की अध्यक्षता पाकिस्तान को वैश्विक वित्तीय संस्थाओं के सदस्य देशों के बीच संवाद में एक औपचारिक भूमिका देगी। वहीं, उसके लिए संभावित अतिरिक्त आईएमएफ सहायता का निर्णय अलग प्रक्रिया के तहत होगा।

Originally written on October 17, 2026 and last modified on October 17, 2026.

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