विशाखापत्तनम क्षेत्र को निवेश हब बनाने की आंध्र प्रदेश की बड़ी योजना

विशाखापत्तनम क्षेत्र को निवेश हब बनाने की आंध्र प्रदेश की बड़ी योजना

आंध्र प्रदेश सरकार ने विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र (Visakhapatnam Economic Region) के लिए 9.5 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश का लक्ष्य तय किया है। यह योजना उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में फैले 36,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती है और राज्य की औद्योगिक, शहरी तथा रोजगार आधारित विकास रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

कौन-कौन से जिले इस क्षेत्र में शामिल हैं

विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र में विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम, अनकापल्ली, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी, अल्लूरी सीताराम राजू और पार्वतीपुरम मन्यम जिले शामिल हैं। इस पूरे क्षेत्र को ‘बे सिटी’ परियोजना से जोड़ा गया है, जिसमें क्षेत्रीय विकास के लिए सूक्ष्म स्तर की योजना बनाई जा रही है।सरकार का मानना है कि इस मॉडल से केवल एक शहर नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को एक समन्वित आर्थिक इकाई के रूप में विकसित किया जा सकेगा। इससे बंदरगाह, उद्योग, सेवा क्षेत्र और शहरी ढांचे के बीच बेहतर तालमेल बनने की उम्मीद है।

निवेश का ढांचा और प्राथमिक क्षेत्र

प्रस्तावित निवेश ढांचे में सार्वजनिक क्षेत्र से 3.5 लाख करोड़ रुपये से 4 लाख करोड़ रुपये और निजी क्षेत्र से 5.3 लाख करोड़ रुपये तक निवेश का अनुमान रखा गया है। यह निवेश कई प्रमुख क्षेत्रों में केंद्रित होगा, जिनमें एआई डेटा सेंटर, बंदरगाह-आधारित उद्योग, पर्यटन, हाइड्रोजन, क्लीन-टेक, ऊर्जा, आईटी, कृषि, स्वास्थ्य सेवाएं, शहरी विकास, बुनियादी ढांचा और इस्पात निर्माण शामिल हैं।इन क्षेत्रों का चयन इस बात का संकेत है कि सरकार पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ नई तकनीक और हरित अर्थव्यवस्था पर भी जोर दे रही है। बंदरगाह की उपलब्धता और तटीय स्थिति इस क्षेत्र को लॉजिस्टिक्स और निर्यात-आधारित उद्योगों के लिए भी उपयुक्त बनाती है।

2032 तक अर्थव्यवस्था और रोजगार का लक्ष्य

राज्य सरकार ने अनुमान लगाया है कि 2032 तक विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था 120 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। इसी समय-सीमा में 20 लाख से 24 लाख रोजगार सृजित होने का भी आकलन किया गया है। यह लक्ष्य केवल निवेश बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय विकास को व्यापक रोजगार अवसरों से जोड़ने की कोशिश भी है।आंध्र प्रदेश की यह योजना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य बड़े निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक केंद्रों को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है। विशाखापत्तनम पहले से ही पूर्वी तट का एक प्रमुख बंदरगाह शहर है, इसलिए इसे नए आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति व्यावहारिक मानी जा रही है।

31वां सीआईआई पार्टनरशिप समिट भी विशाखापत्तनम में

इस निवेश रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए 31वां सीआईआई पार्टनरशिप समिट 12 और 13 नवंबर 2026 को विशाखापत्तनम में आयोजित किया जाएगा। यह सम्मेलन भारत सरकार और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के सहयोग से होगा। ऐसे मंच निवेशकों, उद्योग समूहों और नीति-निर्माताओं को एक साथ लाकर परियोजनाओं को गति देने में मदद करते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • विशाखापत्तनम भारत के पूर्वी तट पर स्थित आंध्र प्रदेश का प्रमुख बंदरगाह शहर है।
  • विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र में कुल 8 जिले शामिल हैं।
  • यह क्षेत्र लगभग 36,000 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
  • सीआईआई पार्टनरशिप समिट उद्योग और निवेश से जुड़ा एक प्रमुख मंच है, जिसका आयोजन सीआईआई करता है।

कुल मिलाकर, विशाखापत्तनम आर्थिक क्षेत्र के लिए तय यह निवेश लक्ष्य आंध्र प्रदेश की दीर्घकालिक विकास योजना का संकेत है। यदि प्रस्तावित निवेश समय पर जमीन पर उतरता है, तो यह क्षेत्र राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक और रोजगार केंद्रों में शामिल हो सकता है।

Originally written on August 6, 2026 and last modified on August 6, 2026.

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