वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में भारत 157वें स्थान पर

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में भारत 157वें स्थान पर

30 अप्रैल 2026 को जारी वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत को 180 देशों में 157वां स्थान मिला है। यह सूचकांक रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जिसमें भारत को “बहुत गंभीर” श्रेणी में रखा गया है। 2025 की तुलना में भारत की रैंकिंग छह स्थान गिरकर 151 से 157 हो गई है, जो देश में प्रेस स्वतंत्रता की स्थिति पर चिंता को दर्शाती है।

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स क्या है

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स एक वार्षिक रैंकिंग है, जो दुनिया भर में मीडिया की स्वतंत्रता का आकलन करती है। यह सूचकांक पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं जैसे बहुलता, मीडिया की स्वतंत्रता, कार्य वातावरण, आत्म-सेंसरशिप, कानूनी ढांचा, पारदर्शिता और सुरक्षा के आधार पर तैयार किया जाता है। यह रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर प्रेस की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम मानी जाती है।

भारत की हालिया रैंकिंग स्थिति

पिछले कुछ वर्षों में भारत की रैंकिंग में उतार-चढ़ाव देखा गया है। 2024 में भारत 159वें स्थान पर था, जबकि 2025 में यह सुधरकर 151वें स्थान पर पहुंचा। हालांकि 2026 में यह फिर गिरकर 157वें स्थान पर आ गया। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रेस स्वतंत्रता के क्षेत्र में चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।

2026 रिपोर्ट में बताए गए प्रमुख कारण

RSF की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की रैंकिंग में गिरावट के पीछे कई कारण हैं। इनमें पत्रकारों के खिलाफ हिंसा, मीडिया स्वामित्व का केंद्रीकरण और राजनीतिक रूप से प्रभावित मीडिया संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा, स्वतंत्र मीडिया पर न्यायिक दबाव और मानहानि तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कानूनों का उपयोग भी एक महत्वपूर्ण कारक बताया गया है।

वैश्विक स्थिति और वर्गीकरण

2026 के सूचकांक में पहली बार ऐसा हुआ है कि दुनिया के आधे से अधिक देश “कठिन” या “बहुत गंभीर” श्रेणी में शामिल हुए हैं। यह वैश्विक स्तर पर प्रेस स्वतंत्रता में गिरावट का संकेत देता है। सूचकांक विभिन्न श्रेणियों के माध्यम से देशों की स्थिति को वर्गीकृत करता है, जिससे तुलना और विश्लेषण आसान होता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स हर वर्ष रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स द्वारा जारी किया जाता है।
  • यह सूचकांक 180 देशों और क्षेत्रों को कवर करता है।
  • 2026 में भारत को “बहुत गंभीर” श्रेणी में रखा गया है।
  • यह रिपोर्ट 30 अप्रैल 2026 को जारी की गई थी।

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2026 में भारत की स्थिति यह दर्शाती है कि देश में मीडिया स्वतंत्रता को लेकर कई चुनौतियां मौजूद हैं। इन चुनौतियों का समाधान और प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूत करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत आवश्यक है।

Originally written on May 4, 2026 and last modified on May 4, 2026.

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