दक्षिण कोरिया का CAS500-2 उपग्रह लॉन्च, अंतरिक्ष तकनीक में नई उपलब्धि

दक्षिण कोरिया का CAS500-2 उपग्रह लॉन्च, अंतरिक्ष तकनीक में नई उपलब्धि

3 मई 2026 को दक्षिण कोरिया ने अपने स्वदेशी पृथ्वी अवलोकन उपग्रह CAS500-2 को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। इस उपग्रह को फाल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से अमेरिका के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से प्रक्षेपित किया गया। यह मिशन दक्षिण कोरिया की बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताओं और आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।

लॉन्च विवरण और पृष्ठभूमि

यह प्रक्षेपण कोरियाई समयानुसार दोपहर 3:59 बजे हुआ, जो कैलिफोर्निया में मध्यरात्रि के समय के बराबर था। इस मिशन की निगरानी कोरिया एयरोस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ने की। यह लॉन्च लगभग चार वर्षों की देरी के बाद संभव हो सका, क्योंकि पहले इसे रूसी सोयुज रॉकेट से लॉन्च करने की योजना थी, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इसमें बदलाव करना पड़ा।

कक्षा और संचार प्रणाली

लॉन्च के लगभग एक घंटे बाद उपग्रह रॉकेट से अलग होकर 498 किलोमीटर की ऊंचाई पर सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित हो गया। इसके लगभग 15 मिनट बाद इसने नॉर्वे के स्वालबार्ड स्थित ग्राउंड स्टेशन से पहला सफल संपर्क स्थापित किया, जिससे इसके सामान्य संचालन की पुष्टि हुई। सूर्य-समकालिक कक्षा पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इसमें समान प्रकाश परिस्थितियां मिलती हैं।

उपग्रह का डिजाइन और मिशन

CAS500-2 का विकास और निर्माण कोरिया एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा किया गया है। यह दक्षिण कोरिया का पहला मध्यम आकार का पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है जिसे निजी उद्योग के नेतृत्व में तैयार किया गया है। 534 किलोग्राम वजनी इस उपग्रह में उच्च-रिज़ॉल्यूशन ऑप्टिकल सेंसर लगे हैं, जो 0.5 मीटर तक की श्वेत-श्याम और 2.0 मीटर की रंगीन तस्वीरें लेने में सक्षम हैं।

तकनीक और उपयोगिता

इस उपग्रह में 86 प्रतिशत प्लेटफॉर्म और 98 प्रतिशत पेलोड तकनीक स्वदेशी रूप से विकसित की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमि और संसाधन प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय भू-स्थानिक सेवाओं के लिए सटीक डेटा प्रदान करना है। यह उपग्रह चार महीने के परीक्षण और कैलिब्रेशन के बाद 2026 के दूसरे भाग में पूर्ण रूप से कार्य शुरू करेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सूर्य-समकालिक कक्षा पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों के लिए उपयोग की जाती है।
  • वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस ध्रुवीय और सूर्य-समकालिक मिशनों के लिए प्रमुख लॉन्च स्थल है।
  • स्वालबार्ड में स्थित ग्राउंड स्टेशन उपग्रह संचार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • CAS500-2 उपग्रह का अधिकांश तकनीकी विकास दक्षिण कोरिया में ही किया गया है।

CAS500-2 का सफल प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया के लिए तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान को बढ़ावा देगा, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में सटीक डेटा उपलब्ध कराकर विकास योजनाओं को भी मजबूत करेगा।

Originally written on May 4, 2026 and last modified on May 4, 2026.

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