राजस्थान के पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल परियोजना का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में भारत की पहली ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह परियोजना देश के ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस परियोजना का विकास हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और राजस्थान सरकार के संयुक्त उपक्रम के रूप में किया गया है, जिसमें एचपीसीएल की 74 प्रतिशत तथा राजस्थान सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ
पचपदरा रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स का निर्माण 79,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। इस अत्याधुनिक परियोजना की रिफाइनिंग क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) है, जबकि पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष निर्धारित की गई है। ग्रीनफील्ड परियोजना का अर्थ ऐसी औद्योगिक इकाई से है, जिसे पहले से अविकसित भूमि पर पूरी तरह नए सिरे से विकसित किया जाता है। इस प्रकार की परियोजनाएँ आधुनिक तकनीक और बेहतर औद्योगिक अवसंरचना के साथ स्थापित की जाती हैं।
रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
यह कॉम्प्लेक्स कच्चे तेल की रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एक ही औद्योगिक परिसर में एकीकृत करता है। यहां उत्पादित पेट्रोकेमिकल सामग्री का उपयोग प्लास्टिक, पॉलिमर, रसायन तथा अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों में किया जाएगा। इसके साथ ही इस परियोजना को क्षेत्र में प्रस्तावित पेट्रोकेमिकल एवं प्लास्टिक पार्क के लिए एक प्रमुख आधार के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
संचालन और भविष्य की योजनाएँ
इस परियोजना का उद्घाटन पहले 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित था, लेकिन 20 अप्रैल 2026 को क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में लगी आग के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था। आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपायों के बाद यह यूनिट पुनः संचालित हो चुकी है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में पेट्रोकेमिकल इकाइयों का संचालन शुरू करने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि उत्पादन क्षमता का एक हिस्सा नवंबर या दिसंबर 2026 तक कार्यरत हो जाएगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन एक महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
- राजस्थान में कोई तटीय रिफाइनरी नहीं है और राज्य ईंधन प्रसंस्करण के लिए मुख्यतः अंतर्देशीय पेट्रोलियम अवसंरचना पर निर्भर करता है।
- एमएमटीपीए (Million Metric Tonnes Per Annum) का अर्थ प्रति वर्ष मिलियन मीट्रिक टन होता है, जिसका उपयोग रिफाइनरी क्षमता मापने के लिए किया जाता है।
- क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (सीडीयू) किसी भी रिफाइनरी की प्राथमिक इकाई होती है, जहां कच्चे तेल को विभिन्न उपयोगी उत्पादों में अलग किया जाता है।
प्रधानमंत्री के इसी राजस्थान दौरे के दौरान लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। इनमें जोधपुर हवाई अड्डे का नया टर्मिनल भवन तथा जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएँ शामिल हैं। पचपदरा रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के ऊर्जा, औद्योगिक विकास और विनिर्माण क्षेत्र को नई गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।