रक्षा, सुरक्षा और लचीलापन बैंक क्या है, जानिए इसकी विशेषताएं
रक्षा और सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वित्तीय संसाधनों की बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए डिफेंस, सिक्योरिटी एंड रेजिलिएंस बैंक (डीएसआरबी) की स्थापना का प्रस्ताव सामने आया है। यह एक प्रस्तावित बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान होगा, जिसका उद्देश्य मित्र देशों में रक्षा खरीद, सैन्य अवसंरचना, सुरक्षा परियोजनाओं और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक एवं कम लागत वाला वित्त उपलब्ध कराना है। इस पहल को वैश्विक सुरक्षा सहयोग और रक्षा उद्योग के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डीएसआरबी क्या है?
डिफेंस, सिक्योरिटी एंड रेजिलिएंस बैंक एक प्रस्तावित बहुपक्षीय वित्तीय संस्था है, जो रक्षा, सुरक्षा और सैन्य आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण उपलब्ध कराएगी। इस बैंक का प्रस्तावित मुख्यालय कनाडा में स्थापित किया जाएगा, जबकि इसका यूरोपीय केंद्र लक्ज़मबर्ग में होगा। इस संस्थान का लक्ष्य लगभग 100 अरब पाउंड (करीब 134 अरब अमेरिकी डॉलर) तक की पूंजी जुटाना है, जिससे सहयोगी देशों में रक्षा क्षेत्र की बड़ी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी जा सके।
रक्षा वित्तपोषण की विशेष व्यवस्था
डीएसआरबी का प्रमुख उद्देश्य रक्षा खरीद, सैन्य औद्योगिक क्षमता और सुरक्षा अवसंरचना के लिए कम ब्याज दर पर दीर्घकालिक वित्त उपलब्ध कराना है। यह बैंक अपने सदस्य देशों की मजबूत साख (क्रेडिटवर्थिनेस) के आधार पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में ट्रिपल-ए (एएए) रेटिंग वाले बॉन्ड जारी करेगा। ट्रिपल-ए रेटिंग को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजार में सबसे सुरक्षित और कम जोखिम वाले ऋण साधनों की श्रेणी में रखा जाता है। इससे बैंक को कम लागत पर पूंजी जुटाने में सहायता मिलेगी और सदस्य देशों को सस्ती वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सकेगी।
सदस्य देश और निजी वित्तीय सहयोग
डीएसआरबी के संस्थापक और समर्थक देशों में अल्बानिया, बेल्जियम, कनाडा, ग्रीस, लातविया, लक्ज़मबर्ग, रोमानिया, तुर्किये और यूक्रेन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय निजी बैंक भी इस पहल का समर्थन कर रहे हैं। इनमें जेपी मॉर्गन चेज़, डॉयचे बैंक, आईएनजी, कॉमर्जबैंक, आरबीसी, बीएमओ, सीआईबीसी, स्कोटियाबैंक, टीडी बैंक और नेशनल बैंक ऑफ कनाडा प्रमुख हैं। सरकारी समर्थन और निजी बैंकिंग भागीदारी का यह मॉडल बड़े स्तर पर पूंजी जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्थापना की पृष्ठभूमि
इस पहल का प्रस्ताव वर्ष 2024 में रॉब मरे ने रखा था। इससे पहले वे नाटो के अंतर्गत संचालित डिफेंस इनोवेशन एक्सेलेरेटर फॉर द नॉर्थ अटलांटिक (डायना) का नेतृत्व कर चुके हैं। डायना का उद्देश्य रक्षा और नागरिक उपयोग वाली उन्नत तकनीकों के विकास को बढ़ावा देना है। डीएसआरबी की संरचना रक्षा खरीद, सैन्य आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक विस्तार को मजबूत करने के लिए तैयार की जा रही है, जिससे सहयोगी देशों की सामूहिक सुरक्षा क्षमता में वृद्धि हो सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान वह संस्था होती है, जिसका स्वामित्व या समर्थन एक से अधिक देशों द्वारा किया जाता है।
- ट्रिपल-ए (एएए) अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों द्वारा दी जाने वाली सर्वोच्च क्रेडिट रेटिंग मानी जाती है।
- नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रक्षा गठबंधन है।
- लक्ज़मबर्ग यूरोप का महत्वपूर्ण वित्तीय केंद्र है और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का मुख्यालय वहां स्थित है।
डिफेंस, सिक्योरिटी एंड रेजिलिएंस बैंक की स्थापना का प्रस्ताव वैश्विक रक्षा वित्तपोषण के क्षेत्र में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह संस्थान स्थापित होता है, तो सहयोगी देशों को रक्षा परियोजनाओं के लिए सस्ती और दीर्घकालिक वित्तीय सहायता मिलेगी। साथ ही यह रक्षा उद्योग, सैन्य आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।