आईएनएस सुदर्शिनी ने सेल बोस्टन 2026 में बढ़ाई भारत की समुद्री उपस्थिति

आईएनएस सुदर्शिनी ने सेल बोस्टन 2026 में बढ़ाई भारत की समुद्री उपस्थिति

भारतीय नौसेना के पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी ने 12 जुलाई 2026 को अमेरिका के बोस्टन बंदरगाह पर पहुंचकर सेल बोस्टन 2026 के प्रतिष्ठित ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में भाग लिया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 20 से अधिक देशों के 60 से अधिक पारंपरिक ऊंचे पाल वाले जहाज (टॉल शिप्स) शामिल हुए। आईएनएस सुदर्शिनी 12 से 15 जुलाई 2026 तक बोस्टन में आम नागरिकों के लिए भी खुला रहा, जिससे लोगों को भारतीय नौसेना की समुद्री विरासत और प्रशिक्षण परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिला।

आईएनएस सुदर्शिनी और नौसैनिक प्रशिक्षण

आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का एक पाल प्रशिक्षण पोत (सेल ट्रेनिंग शिप) है। ऐसे जहाजों का उपयोग नौसैनिक अधिकारियों और कैडेटों को समुद्री कौशल, नौवहन, पाल संचालन और पारंपरिक समुद्री तकनीकों का प्रशिक्षण देने के लिए किया जाता है। प्रशिक्षण के साथ-साथ ये पोत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समारोहों और नौसैनिक आयोजनों में भाग लेकर भारत का प्रतिनिधित्व भी करते हैं। इससे समुद्री कूटनीति को बढ़ावा मिलता है और विभिन्न देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग मजबूत होता है।

लोकायन 2026 अभियान का हिस्सा

आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना के 10 महीने लंबे अंतरमहासागरीय अभियान ‘लोकायन 2026’ का हिस्सा है। यह अभियान 20 जनवरी 2026 को कोच्चि से शुरू हुआ था। इस यात्रा के दौरान जहाज विभिन्न देशों के बंदरगाहों का दौरा कर रहा है और अनेक अंतरराष्ट्रीय समुद्री कार्यक्रमों में भाग ले रहा है। इस अभियान का उद्देश्य भारत की समुद्री परंपरा का प्रदर्शन करना, मित्र देशों के साथ सहयोग बढ़ाना और समुद्री सद्भावना को प्रोत्साहित करना है।

अमेरिका में कई महत्वपूर्ण बंदरगाहों का दौरा

बोस्टन पहुंचने से पहले आईएनएस सुदर्शिनी ने अमेरिका के कई प्रमुख बंदरगाहों का दौरा किया। यह 19 से 23 जून 2026 तक नॉरफ़ॉक में रहा और 26 जून को बाल्टीमोर पहुंचा। इसके बाद जहाज ने न्यूयॉर्क में आयोजित इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250 और सेल4थ 250 समारोहों में भाग लिया। 4 जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क में आयोजित परेड ऑफ सेल के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी ने भारतीय तिरंगा लहराकर भारत की समुद्री उपस्थिति को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया। न्यूयॉर्क का इसका दौरा 8 जुलाई 2026 को समाप्त हुआ, जिसके बाद यह बोस्टन पहुंचा।

समुद्री कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका

लोकायन 2026 अभियान केवल प्रशिक्षण यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की समुद्री कूटनीति और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का माध्यम भी है। बोस्टन में 12 जुलाई 2026 को जहाज के औपचारिक प्रवेश के दौरान भारत के महावाणिज्यदूत रघुराम शास्त्री भी आईएनएस सुदर्शिनी पर सवार हुए। इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी भारत और अन्य देशों के बीच समुद्री सहयोग तथा सद्भावना को और मजबूत बनाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का एक पाल प्रशिक्षण पोत (सेल ट्रेनिंग शिप) है।
  • सेल बोस्टन अमेरिका के मैसाचुसेट्स राज्य के बोस्टन शहर में आयोजित होने वाला प्रमुख अंतरराष्ट्रीय टॉल शिप्स समारोह है।
  • स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी न्यूयॉर्क हार्बर में हडसन नदी के निकट स्थित है।
  • वर्ष 2026 अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ का वर्ष है।

आईएनएस सुदर्शिनी की सेल बोस्टन 2026 में भागीदारी भारत की समृद्ध समुद्री विरासत, नौसैनिक प्रशिक्षण क्षमता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। लोकायन 2026 अभियान के माध्यम से भारतीय नौसेना वैश्विक स्तर पर मित्र देशों के साथ संबंध मजबूत करने के साथ-साथ भारत की समुद्री पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है।

Originally written on July 14, 2026 and last modified on July 14, 2026.

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