यूनिफाइड पेंशन स्कीम में 1.18 लाख से अधिक कर्मचारियों की रुचि

यूनिफाइड पेंशन स्कीम में 1.18 लाख से अधिक कर्मचारियों की रुचि

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के भीतर शुरू की गई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) को लेकर भागीदारी लगातार बढ़ रही है। मध्य जुलाई 2026 तक 1,18,195 केंद्रीय कर्मचारियों, जिनमें नए भर्ती कर्मचारी, मौजूदा कर्मचारी और कुछ पूर्व सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं, ने इस विकल्प को चुना है। यह आंकड़ा बताता है कि गारंटीकृत पेंशन लाभ वाले इस मॉडल को लेकर कर्मचारियों में खास दिलचस्पी बनी हुई है।

UPS क्या है और इसे क्यों लाया गया

यूनिफाइड पेंशन स्कीम कोई अलग पेंशन व्यवस्था नहीं, बल्कि NPS के भीतर उपलब्ध एक विकल्प है। इसे केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें अंशदान आधारित ढांचे के साथ कुछ सुनिश्चित लाभ भी मिलें। सरकार ने इसे 24 जनवरी 2025 को अधिसूचित किया और 1 अप्रैल 2025 से इसे प्रभावी किया।शुरुआत में UPS चुनने की अंतिम तिथि 30 जून 2025 तय की गई थी, लेकिन कर्मचारियों और संगठनों से मिले सुझावों के बाद इसे बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 कर दिया गया। इससे अधिक कर्मचारियों को अपने पेंशन विकल्प पर विचार करने का समय मिला।

पेंशन लाभ और पात्रता की मुख्य शर्तें

UPS के तहत सेवानिवृत्ति के बाद सुनिश्चित मासिक भुगतान का प्रावधान है। यदि किसी कर्मचारी की न्यूनतम योग्य सेवा 25 वर्ष है, तो उसे सुपरएन्युएशन से पहले के अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत पेंशन के रूप में मिल सकता है।इसके अलावा, जिन कर्मचारियों की सेवा कम से कम 10 वर्ष की है, उनके लिए सुपरएन्युएशन पर न्यूनतम 10,000 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान है। इस तरह योजना का ढांचा पूरी तरह पारंपरिक फिक्स्ड-पेंशन मॉडल जैसा नहीं है, लेकिन इसमें निश्चित लाभ का तत्व जोड़ा गया है।

स्विच सुविधा और संसद में दी गई जानकारी

UPS चुनने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को सेवा अवधि के दौरान एक बार, और केवल एक दिशा में, NPS में वापस जाने की सुविधा दी गई है। इसे वन-वे स्विच सुविधा कहा जाता है। यह विकल्प कुछ तय शर्तों के अधीन उपलब्ध है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 अगस्त 2026 को लोकसभा में लिखित उत्तर में UPS में नामांकन के ताजा आंकड़े रखे। इससे यह स्पष्ट हुआ कि योजना के लागू होने के बाद से इसमें भागीदारी का दायरा बढ़ा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) की शुरुआत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 2004 में हुई थी।
  • UPS, NPS के भीतर उपलब्ध एक विकल्प है, न कि एक अलग स्वतंत्र पेंशन प्रणाली।
  • सुपरएन्युएशन का अर्थ सेवा नियमों के तहत निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु से है।
  • वन-वे स्विच सुविधा का मतलब है कि कर्मचारी UPS से NPS में केवल एक बार वापस जा सकता है, वह भी तय नियमों के तहत।

कुल मिलाकर, UPS का बढ़ता अपनाया जाना यह दिखाता है कि केंद्रीय कर्मचारी पेंशन में सुनिश्चितता और योगदान-आधारित ढांचे के संतुलन को लेकर सक्रिय रूप से विकल्प चुन रहे हैं।

Originally written on August 3, 2026 and last modified on August 3, 2026.

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