यूग्राम राइफल: भारत की स्वदेशी असॉल्ट राइफल ने सेना और गृह मंत्रालय के प्रमुख परीक्षण किए सफल

यूग्राम राइफल: भारत की स्वदेशी असॉल्ट राइफल ने सेना और गृह मंत्रालय के प्रमुख परीक्षण किए सफल

भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देते हुए स्वदेशी यूग्राम (UGRAM) 7.62×51 मिमी असॉल्ट राइफल ने भारतीय सेना की जनरल स्टाफ क्वालिटेटिव रिक्वायरमेंट (GSQR) ट्रायल और गृह मंत्रालय (MHA) बोर्ड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। जुलाई 2026 में मिली इस सफलता के बाद यह राइफल केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) में शामिल किए जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यूग्राम का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ARDE) तथा द्वीपा डिफेंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने संयुक्त रूप से किया है।

यूग्राम राइफल की प्रमुख विशेषताएँ

यूग्राम राइफल 7.62×51 मिमी कारतूस का उपयोग करती है, जिसे अधिक मारक क्षमता और बेहतर प्रभाव के लिए जाना जाता है। इसका वजन चार किलोग्राम से कम है, जिससे इसे लंबे समय तक संचालन में आसानी रहती है। इसकी प्रभावी फायरिंग रेंज लगभग 500 मीटर है। ‘यूग्राम’ नाम संस्कृत भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ “उग्र” या “भयंकर” होता है। आधुनिक युद्धक्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इसे मजबूत, विश्वसनीय और उच्च प्रदर्शन वाली राइफल के रूप में विकसित किया गया है।

100 दिनों में हुआ विकास और निर्माण

इस राइफल का डिजाइन और निर्माण मात्र 100 दिनों में पूरा किया गया, जो भारतीय रक्षा उद्योग के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। द्वीपा डिफेंस को वर्ष 2021 में निर्माण लाइसेंस प्राप्त हुआ था, जिसके बाद तेलंगाना सरकार द्वारा हैदराबाद के निकट आवंटित 13 एकड़ भूमि पर आधुनिक उत्पादन सुविधा स्थापित की गई। यह परियोजना सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सहयोग का सफल उदाहरण मानी जा रही है।

सुरक्षा बलों में होगी तैनाती

यूग्राम राइफल को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए खरीदे जाने की संभावना है। सेना के GSQR और गृह मंत्रालय के परीक्षणों में सफलता मिलने के बाद इसके बड़े पैमाने पर उपयोग का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह भारत के “आत्मनिर्भर भारत” अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने वाली एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

आईएनएसएएस राइफल का विकल्प बनेगी यूग्राम

यूग्राम राइफल का उद्देश्य भारतीय सुरक्षा बलों में लंबे समय से उपयोग की जा रही 5.56 मिमी आईएनएसएएस राइफल का स्थान लेना है। अधिक शक्तिशाली 7.62×51 मिमी कैलिबर के कारण यह बेहतर मारक क्षमता और आधुनिक परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम मानी जा रही है। इससे भारत की स्वदेशी छोटे हथियारों के विकास क्षमता को भी नई पहचान मिलेगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • जीएसक्यूआर (GSQR) भारतीय सेना द्वारा उपकरणों के परीक्षण के लिए निर्धारित तकनीकी एवं परिचालन मानक है।
  • गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन प्रमुख केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में CRPF, ITBP, SSB और NSG शामिल हैं।
  • आईएनएसएएस 5.56 मिमी सेवा राइफल का उपयोग भारतीय सुरक्षा बल 1990 के दशक से कर रहे हैं।
  • “आत्मनिर्भर भारत” अभियान का उद्देश्य रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम कर स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देना है।

यूग्राम राइफल की सफलता भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह न केवल आधुनिक और स्वदेशी हथियार प्रणाली के विकास को दर्शाती है, बल्कि भारतीय सुरक्षा बलों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम साबित होगी।

Originally written on July 7, 2026 and last modified on July 7, 2026.

1 Comment

  1. Yogesh

    July 8, 2026 at 3:45 pm

    Kya aap ko nahi lagata hai ki reng kam hai hal me chal rahe hathiyaro ko dekh kar

    Reply

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