मोहाली के वैज्ञानिकों का नया फिल्टर रंगीन अपशिष्ट जल के शोधन में सहायक
मोहाली स्थित नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएनएसटी) ने रंगों से दूषित अपशिष्ट जल के उपचार के लिए एक टिकाऊ उत्प्रेरक फिल्टर विकसित किया है। 14 अक्टूबर 2026 को घोषित इस तकनीक में प्रकाश और यांत्रिक कंपन, दोनों की मदद से प्रदूषकों को तोड़ने की क्षमता है। फिल्टर में जिंक ऑक्साइड के नैनोकणों को जैव-अवक्रमणीय पॉलीलैक्टिक अम्ल के नैनोरेशों में शामिल किया गया है।
हल्दी के अर्क से तैयार सक्रिय सामग्री
फिल्टर का सक्रिय घटक जिंक ऑक्साइड (जेडएनओ) के नैनोकण हैं, जिन्हें पॉलीलैक्टिक अम्ल (पीएलए) के नैनोरेशों पर सहारा दिया गया है। पीएलए एक जैव-अवक्रमणीय पॉलिएस्टर है, जिसका उपयोग पैकेजिंग और जैव-चिकित्सा उत्पादों सहित कई क्षेत्रों में होता है। जिंक ऑक्साइड अर्धचालक पदार्थ है और प्रकाश-उत्प्रेरक अनुप्रयोगों में इस्तेमाल किया जाता है।
शोधकर्ताओं ने जिंक ऑक्साइड नैनोकण तैयार करने के लिए हल्दी के अर्क का उपयोग किया। अर्क में मौजूद यौगिकों ने नैनोकणों के निर्माण और स्थिरीकरण में प्राकृतिक सहायक की भूमिका निभाई। इससे इस संश्लेषण प्रक्रिया में हानिकारक रासायनिक अभिकर्मकों से बचा गया। पीएलए नैनोरेशों का ढांचा जेडएनओ नैनोकणों को टिकाए रखने में मदद करता है।
प्रकाश और कंपन से प्रदूषक तोड़ने की प्रक्रिया
इस फिल्टर की खासियत प्रकाश-उत्प्रेरण और दबाव-उत्प्रेरण प्रक्रियाओं का संयोजन है। प्रकाश-उत्प्रेरण में प्रकाश की ऊर्जा उत्प्रेरक को सक्रिय करती है, जिससे उसकी सतह पर ऐसी रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती हैं जो प्रदूषकों को विघटित कर सकती हैं।
दबाव-उत्प्रेरण में यांत्रिक दबाव या कंपन के कारण कुछ पदार्थों में विद्युत आवेश वाहक बनते हैं। ये आवेश भी प्रदूषकों को तोड़ने वाली प्रतिक्रियाओं में योगदान दे सकते हैं। शोध में प्रकाश से मिलने वाली सक्रियता के साथ यांत्रिक कंपन का प्रभाव जोड़कर फिल्टर की कार्यप्रणाली तैयार की गई है।
रंग हटाने और मशीन लर्निंग के परिणाम
पीएलए-जेडएनओ नैनोरेशों ने 120 मिनट में मेथिलीन ब्लू का 98.6 प्रतिशत और कॉन्गो रेड का 96.7 प्रतिशत रंग हटाया। छह घंटे के उपचार के बाद इस सामग्री ने लगभग 75 प्रतिशत ई. कोलाई और 71 प्रतिशत स्टैफिलोकोकस ऑरियस को निष्क्रिय किया। ये परिणाम रंगीन जल के उपचार के साथ-साथ कुछ बैक्टीरिया पर इसके प्रभाव का भी संकेत देते हैं।
अध्ययन में रंग हटाने की क्षमता का अनुमान लगाने के लिए मशीन लर्निंग का भी उपयोग किया गया। मॉडल में प्रकाश की तरंगदैर्घ्य, उपचार का समय और उत्प्रेरक की मात्रा जैसे कारकों को शामिल किया गया। अनुमान की सटीकता 99 प्रतिशत तक पहुंची। शोध के निष्कर्ष ‘एडवांस्ड फंक्शनल मैटेरियल्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुए।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आईएनएसटी मोहाली भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है।
- पीएलए एक जैव-अवक्रमणीय पॉलिएस्टर है; जेडएनओ का उपयोग प्रकाश-उत्प्रेरक अनुप्रयोगों में होता है।
- मेथिलीन ब्लू एक कृत्रिम रंग है, जबकि कॉन्गो रेड एक एजो रंग है, जिसमें –N=N– समूह होता है।
- ई. कोलाई ग्राम-ऋणात्मक और स्टैफिलोकोकस ऑरियस ग्राम-धनात्मक जीवाणु है।
यह शोध जैव-अवक्रमणीय सामग्री और अपेक्षाकृत हरित संश्लेषण को जल-शोधन के साथ जोड़ता है। फिल्टर की प्रभावशीलता और उपयोगिता को आगे के परीक्षणों से परखा जाना महत्वपूर्ण होगा।