मोरक्को में पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं फातिमा एज़्ज़हरा एल मंसूरी

मोरक्को में पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं फातिमा एज़्ज़हरा एल मंसूरी

मोरक्को की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव दर्ज हुआ है। 29 सितंबर 2026 को राजा मोहम्मद VI ने फातिमा एज़्ज़हरा एल मंसूरी को देश की प्रधानमंत्री नियुक्त किया। इसके साथ ही वह मोरक्को की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं और अरब दुनिया में यह पद संभालने वाली दूसरी महिला नेता बन गईं।

चुनाव के बाद बनी नई राजनीतिक तस्वीर

एल मंसूरी की नियुक्ति 23 सितंबर 2026 के संसदीय चुनाव के बाद हुई, जिसमें ऑथेंटिसिटी एंड मॉडर्निटी पार्टी, जिसे संक्षेप में PAM कहा जाता है, ने 395 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा में 97 सीटें जीतीं। मोरक्को में सरकार बनाने के लिए 198 सीटों का बहुमत जरूरी है, इसलिए किसी भी दल को गठबंधन की जरूरत पड़ती है। इसी राजनीतिक समीकरण के बीच नई सरकार के गठन का रास्ता खुला।

मोरक्को की शासन व्यवस्था और प्रधानमंत्री की भूमिका

मोरक्को उत्तरी अफ्रीका में स्थित एक संवैधानिक राजतंत्र है। यहां संसद द्विसदनीय है और प्रधानमंत्री सरकार का प्रमुख होता है। हालांकि विदेश नीति, रक्षा और कुछ अन्य रणनीतिक मामलों में राजा के पास महत्वपूर्ण अधिकार बने रहते हैं। प्रधानमंत्री का दायित्व मंत्रिमंडल का गठन करना और रोजमर्रा के प्रशासनिक कामकाज को संभालना होता है।

फातिमा एल मंसूरी का राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव

50 वर्षीय फातिमा एज़्ज़हरा एल मंसूरी पेशे से वकील और अनुभवी राजनीतिज्ञ हैं। प्रधानमंत्री बनने से पहले वे माराकेच की मेयर रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय क्षेत्रीय योजना, शहरी विकास, आवास और शहरी नीति मंत्रालय में भी जिम्मेदारी निभाई है। माराकेच मोरक्को के प्रमुख शहरों में शामिल है और ऐतिहासिक रूप से देश की पूर्व शाही राजधानी भी रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मोरक्को उत्तरी अफ्रीका में स्थित एक संवैधानिक राजतंत्र है।
  • मोरक्को की प्रतिनिधि सभा में कुल 395 सीटें हैं और बहुमत के लिए 198 सीटें चाहिए।
  • राजा मोहम्मद VI मोरक्को के सम्राट हैं और प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं।
  • ट्यूनीशिया की नजला बौदेन अरब दुनिया की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं।

फातिमा एल मंसूरी की नियुक्ति न केवल मोरक्को, बल्कि पूरे अरब क्षेत्र में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि क्षेत्रीय राजनीति में नेतृत्व की परंपरागत सीमाएं धीरे-धीरे बदल रही हैं।

Originally written on September 30, 2026 and last modified on September 30, 2026.

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