मेघालय की नई पढ़ाई पहल से बुनियादी साक्षरता पर फोकस

मेघालय की नई पढ़ाई पहल से बुनियादी साक्षरता पर फोकस

मेघालय सरकार ने बच्चों में बुनियादी साक्षरता और पढ़ने की क्षमता मजबूत करने के लिए CM-IMPACT Read & Rise Meghalaya कार्यक्रम शुरू किया है। 26 अगस्त 2026 को शिलांग के विधानसभा एनेक्सी हॉल में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य छोटे बच्चों में पढ़ने-लिखने की शुरुआती दक्षता को बेहतर बनाना है, ताकि सीखने की नींव मजबूत हो सके।

CM-IMPACT के तहत पढ़ाई पर नया जोर

यह पहल CM-IMPACT का हिस्सा है, जिसका पूरा नाम Chief Minister’s Initiative for Maximising Pass Achievement and Classroom Triumph है। कार्यक्रम का केंद्र बिंदु फाउंडेशनल लिटरेसी यानी शुरुआती स्तर पर पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता है। सरकार चाहती है कि बच्चे केवल कक्षा में उपस्थित न रहें, बल्कि सीखने की बुनियादी दक्षता भी हासिल करें।

इस मिशन के तहत लक्ष्य रखा गया है कि मेघालय का हर बच्चा सात वर्ष की उम्र तक आत्मविश्वास के साथ पढ़ और लिख सके। साथ ही, सात वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए तीन महीने का पढ़ने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि जिन बच्चों की नींव कमजोर रह गई है, उनकी सीखने की कमी को जल्दी दूर किया जा सके।

ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों के बच्चों पर खास ध्यान

यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन स्कूल बच्चों के लिए तैयार किया गया है, जो हाल के वर्षों में कक्षा-स्तरीय व्यवधानों के कारण सीखने में पिछड़ गए हैं। ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में ऐसे बच्चों की संख्या अधिक मानी जाती है, जहां नियमित शिक्षण और अभ्यास की निरंतरता प्रभावित हुई है। इसी वजह से राज्य ने इस पहल को शुरुआती शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना है।

कार्यक्रम के शुभारंभ में शिक्षा मंत्री लखमेन रिम्बुई विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ शिक्षा विभाग के आयुक्त एवं सचिव विजय कुमार मंति भी उपस्थित थे। इससे साफ है कि राज्य सरकार इस अभियान को केवल औपचारिक घोषणा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था के व्यावहारिक सुधार से जोड़कर देख रही है।

शिक्षकों के लिए गाइड और कार्यान्वयन की तैयारी

लॉन्च के दौरान सरकार ने Teacher Training Guide for Universal Reading Readiness Across Meghalaya भी जारी की। यह गाइड शिक्षकों को पढ़ाई की शुरुआती जरूरतों को समझने और बच्चों के लिए संरचित शिक्षण पद्धति अपनाने में मदद करेगी। GREENAMMO ने इस गाइड का प्रकाशन किया है, जबकि राज्य शिक्षा विभाग ने इसे प्रायोजित किया है।

ऐसी प्रशिक्षण सामग्री का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि शुरुआती कक्षाओं में शिक्षक की भूमिका सबसे निर्णायक होती है। यदि शिक्षक समय रहते पढ़ने की कमजोरियों की पहचान कर लें, तो बच्चों की आगे की शिक्षा पर उसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मेघालय की राजधानी शिलांग है और इसी शहर में इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
  • CM-IMPACT का पूरा नाम Chief Minister’s Initiative for Maximising Pass Achievement and Classroom Triumph है।
  • फाउंडेशनल लिटरेसी का अर्थ है शुरुआती स्तर पर पढ़ने, लिखने और समझने की क्षमता।
  • Universal Reading Readiness Mission का लक्ष्य बच्चों में सात वर्ष की उम्र तक पढ़ने-लिखने की आत्मविश्वासी क्षमता विकसित करना है।

इस पहल के जरिए मेघालय ने शुरुआती शिक्षा को नीति-स्तर पर प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। यदि यह कार्यक्रम जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होता है, तो इससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों की सीखने की क्षमता दोनों में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

Originally written on August 27, 2026 and last modified on August 27, 2026.

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