महाराष्ट्र में कॉलेज प्रवेश फॉर्म में ‘सिंगल पैरेंट चाइल्ड’ श्रेणी जोड़ने की तैयारी

महाराष्ट्र में कॉलेज प्रवेश फॉर्म में ‘सिंगल पैरेंट चाइल्ड’ श्रेणी जोड़ने की तैयारी

महाराष्ट्र सरकार उच्च और तकनीकी शिक्षा संस्थानों के प्रवेश फॉर्म में ‘सिंगल पैरेंट चाइल्ड’ (एकल अभिभावक के बच्चे) नामक नई श्रेणी जोड़ने पर विचार कर रही है। इस प्रस्ताव पर 13 जून 2026 को चर्चा की गई, जिसके बाद राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इसके क्रियान्वयन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य एकल अभिभावक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें शिक्षा और छात्र कल्याण योजनाओं का बेहतर लाभ उपलब्ध कराना है।

क्या है प्रस्तावित ‘सिंगल पैरेंट चाइल्ड’ श्रेणी?

प्रस्ताव के अनुसार, कॉलेज और तकनीकी संस्थानों के प्रवेश फॉर्म में एक अलग कॉलम जोड़ा जाएगा, जिसमें विद्यार्थी यह दर्ज कर सकेंगे कि वे एकल अभिभावक वाले परिवार से हैं या नहीं। इस व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों की पहचान करना है, जिन्हें विशेष सहायता और सुविधाओं की आवश्यकता हो सकती है। विशेष रूप से एकल माताओं के बच्चों को इस पहल का प्रमुख लाभार्थी माना जा रहा है।

विद्यार्थियों के लिए प्रस्तावित सुविधाएं

नई श्रेणी के अंतर्गत आने वाले विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव है। इनमें छात्रावास (हॉस्टल) प्रवेश में प्राथमिकता, परामर्श सेवाएं (काउंसलिंग) और शैक्षणिक रियायतें शामिल हैं। सरकार का मानना है कि कई बार एकल अभिभावक परिवारों के छात्रों को आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में विशेष सहायता उपाय उनकी शिक्षा जारी रखने में सहायक हो सकते हैं।

व्यापक परामर्श प्रक्रिया

इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले राज्य सरकार व्यापक स्तर पर चर्चा कर रही है। इसी क्रम में 17 जून 2026 को महाराष्ट्र के लगभग 1,500 महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ एक विशेष ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में प्रवेश प्रक्रिया, विद्यार्थियों की पहचान से जुड़ी चुनौतियों और क्रियान्वयन संबंधी व्यावहारिक पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इससे नीति को अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बनाने में मदद मिलेगी।

डेटा संग्रह और समीक्षा

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अनुसार, पूर्व में किए गए एक सर्वेक्षण में महाराष्ट्र के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लगभग 14,000 विद्यार्थी ऐसे पाए गए थे, जो एकल माताओं वाले परिवारों से आते हैं। सरकार वर्तमान में इस आंकड़े की पुनः समीक्षा कर रही है ताकि नई श्रेणी के लिए सटीक डेटा उपलब्ध हो सके। इससे नीति निर्माण और लाभार्थियों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा

प्रस्तावित व्यवस्था को सफल बनाने के लिए राज्य सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों को नई व्यवस्था की जानकारी देना है। सरकार चाहती है कि पात्र विद्यार्थी बिना किसी संकोच के इस श्रेणी का लाभ प्राप्त कर सकें और उन्हें आवश्यक सहायता समय पर उपलब्ध हो।

व्यापक महिला कल्याण नीति से जुड़ा कदम

यह प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा हाल ही में बजट सत्र के दौरान घोषित एकल महिलाओं के लिए व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त की अध्यक्षता में पहले से एक नीति समिति कार्य कर रही है, जो एकल महिलाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सुझाव दे रही है। उच्च शिक्षा क्षेत्र में यह नई पहल उसी व्यापक सामाजिक कल्याण दृष्टिकोण का विस्तार है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • महाराष्ट्र का उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग कॉलेज प्रवेश और उच्च शिक्षा संबंधी नीतियों का संचालन करता है।
  • ‘सिंगल पैरेंट चाइल्ड’ श्रेणी कॉलेज प्रवेश फॉर्म में प्रस्तावित नई व्यवस्था है।
  • प्रस्तावित सुविधाओं में हॉस्टल प्रवेश में प्राथमिकता, काउंसलिंग और शैक्षणिक रियायतें शामिल हैं।
  • महाराष्ट्र के लगभग 1,500 कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ इस विषय पर ऑनलाइन बैठक प्रस्तावित है।
  • पूर्व सर्वेक्षण के अनुसार राज्य में लगभग 14,000 विद्यार्थी एकल माताओं वाले परिवारों से संबंधित पाए गए थे।
  • उच्चस्तरीय समिति राज्य सरकारों द्वारा नीति क्रियान्वयन के लिए गठित की जाने वाली औपचारिक प्रशासनिक संस्था होती है।

महाराष्ट्र सरकार की यह पहल शिक्षा क्षेत्र में समावेशिता और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो एकल अभिभावक परिवारों के हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर और संस्थागत सहयोग प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी उच्च शिक्षा तक पहुंच और सशक्त होगी।

Originally written on June 13, 2026 and last modified on June 13, 2026.

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