मनीला बैठक में भारत-आसियान आर्थिक साझेदारी को नई गति

मनीला बैठक में भारत-आसियान आर्थिक साझेदारी को नई गति

भारत ने फिलीपींस की राजधानी मनीला में 22 से 24 सितंबर 2026 तक आयोजित 14वीं ईस्ट एशिया समिट आर्थिक मंत्रियों की बैठक और 23वीं आसियान-भारत आर्थिक मंत्रियों की परामर्श बैठक में भाग लिया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव ने किया। इन बैठकों में आसियान देशों के साथ-साथ भारत, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया, रूस और अमेरिका जैसे ईस्ट एशिया समिट साझेदार भी शामिल रहे।

क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग पर केंद्रित रही चर्चा

ईस्ट एशिया समिट 2005 में शुरू हुआ एक नेताओं-आधारित मंच है, जबकि इसका आर्थिक मंत्रियों का ढांचा क्षेत्रीय आर्थिक संवाद का अहम हिस्सा माना जाता है। बैठक में व्यापार, निवेश, आपूर्ति शृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। आसियान सचिवालय ने 2027 के लिए क्षेत्रीय और वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर जानकारी दी, जिसमें व्यापार और निवेश प्रवाह की दिशा पर भी चर्चा शामिल रही।

इस अवसर पर आर्थिक अनुसंधान संस्थान फॉर आसियान एंड ईस्ट एशिया (ERIA) ने “Powering the EAS Region’s Next Wave of Growth: An Integrated Approach to Energy Security and Industrial Clusters” शीर्षक से एक पेपर प्रस्तुत किया। यह संकेत देता है कि क्षेत्रीय साझेदार अब केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऊर्जा और औद्योगिक नेटवर्क को भी विकास रणनीति का हिस्सा बना रहे हैं।

आसियान-भारत व्यापार संबंधों का महत्व

आसियान-भारत संवाद साझेदारी की शुरुआत 1992 में हुई थी और यह समय के साथ रणनीतिक आर्थिक संबंधों में बदल गई। आसियान-भारत मुक्त व्यापार क्षेत्र के तहत वस्तुओं, सेवाओं और निवेश से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इनमें आसियान-भारत व्यापार में वस्तुओं का समझौता यानी AITIGA विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो 2010 में लागू हुआ था और शुल्क कटौती तथा व्यापार सुगमता से जुड़े प्रावधानों को कवर करता है।

भारत का आसियान के साथ व्यापार लगातार बढ़ा है। 2025-26 में भारत-आसियान द्विपक्षीय व्यापार 128.38 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचा और भारत के कुल वैश्विक व्यापार में आसियान की हिस्सेदारी 10.55% रही। प्रारंभिक आसियान आंकड़ों के अनुसार 2025 में दोनों पक्षों के बीच व्यापार 114.1 अरब डॉलर रहा, जबकि आसियान में भारतीय प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 7.1 अरब डॉलर दर्ज किया गया।

भारत की भागीदारी और कारोबारी संपर्क

बैठकों के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 22 सितंबर 2026 को फिलीपींस में काम कर रहे भारतीय व्यवसायों से भी मुलाकात की। इसके अलावा 23 सितंबर 2026 को आसियान-भारत बिजनेस फोरम 2026 में भी भागीदारी की गई। यह पहल दिखाती है कि सरकारी स्तर की बातचीत के साथ-साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी भारत-आसियान आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आसियान की स्थापना 1967 में बैंकॉक घोषणा के जरिए हुई थी।
  • आसियान के 11 सदस्य देश हैं: ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर-लेस्ते और वियतनाम।
  • भारत 1992 में आसियान का सेक्टोरल डायलॉग पार्टनर बना और 2002 में समिट-स्तरीय साझेदार बना।
  • ERIA का मुख्यालय जकार्ता, इंडोनेशिया में स्थित है।

मनीला में हुई यह बैठक भारत और आसियान के बीच आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर निरंतर संवाद आने वाले वर्षों में इस साझेदारी की दिशा तय करेगा।

Originally written on September 25, 2026 and last modified on September 25, 2026.

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