भावना कांत ने रचा इतिहास, फाइटर कॉम्बैट लीडर बनने वाली पहली भारतीय महिला
भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने 6 अगस्त 2026 को फाइटर कॉम्बैट लीडर (FCL) कोर्स सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया। वह यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की पहली महिला पायलट बन गई हैं। यह कोर्स मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (TACDE) में कराया जाता है, जहां चुनिंदा वायुसेना पायलटों को हवाई युद्ध की उन्नत रणनीतियों और नेतृत्व के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।
क्यों खास है यह उपलब्धि
फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रमों में गिना जाता है। यह 20 सप्ताह का उन्नत प्रशिक्षण है, जिसमें फाइटर पायलटों को जटिल युद्ध परिस्थितियों में मिशन का नेतृत्व करने के लिए तैयार किया जाता है। बताया जाता है कि चयनित पायलटों में से केवल लगभग 1 प्रतिशत ही इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा कर पाते हैं। ऐसे में भावना कांत की सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय वायुसेना में महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका का भी संकेत है।
भावना कांत का सैन्य करियर
भावना कांत को जून 2016 में भारतीय वायुसेना में कमीशन मिला था। वह भारत की पहली महिला फाइटर पायलटों की बैच का हिस्सा थीं, जिसमें अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह भी शामिल थीं। मई 2019 में उन्होंने दिन के समय होने वाले कॉम्बैट मिशनों के लिए योग्यता हासिल की और इस तरह एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया।
अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने MiG-21 Bison उड़ाया और बाद में Su-30 MKI जैसे आधुनिक फाइटर विमान पर स्विच किया। दोनों विमान भारतीय वायुसेना की लड़ाकू क्षमता का अहम हिस्सा रहे हैं।
सम्मान और सार्वजनिक पहचान
भावना कांत को 8 मार्च 2020 को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह भारत का महिलाओं के लिए सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जाता है। इसके अलावा, 26 जनवरी 2021 को वह नई दिल्ली में भारतीय वायुसेना की गणतंत्र दिवस परेड झांकी में शामिल होने वाली पहली महिला फाइटर पायलट बनीं। इन उपलब्धियों ने उन्हें देशभर में एक प्रेरक सैन्य चेहरा बना दिया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- TACDE, ग्वालियर में स्थित है और भारतीय वायुसेना के पायलटों को एयर कॉम्बैट ट्रेनिंग देता है।
- फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स 20 सप्ताह का उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रम है।
- भारत की पहली महिला फाइटर पायलटों की बैच जून 2016 में कमीशंड हुई थी।
- नारी शक्ति पुरस्कार 8 मार्च, यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदान किया जाता है।
भावना कांत की यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती क्षमताओं और नेतृत्व भूमिका को मजबूत करती है। यह कदम रक्षा क्षेत्र में लैंगिक समानता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।