भारत-सेशेल्स संबंधों को नई मजबूती: समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग का हुआ विस्तार
भारत और सेशेल्स ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा तथा आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया है। 27 से 29 जून 2026 तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों और सहयोगात्मक पहलों की घोषणा की। यह यात्रा सेशेल्स के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह तथा भारत-सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित हुई। इस दौरान समुद्री सुरक्षा, रक्षा, डिजिटल भुगतान, स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा सहित 19 महत्वपूर्ण परिणामों की घोषणा की गई।
समुद्री सुरक्षा सहयोग को मिला नया आयाम
27 जून 2026 को भारत ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में सेशेल्स कोस्ट गार्ड को पीएस लेस्पवार नामक फास्ट पेट्रोल वेसल सौंपा। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित इस पोत का नाम क्रियोल भाषा में “आशा” का प्रतीक है। इस आधुनिक गश्ती पोत का उपयोग समुद्री निगरानी, विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में गश्त तथा समुद्री कानून प्रवर्तन के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भारत ने सेशेल्स कोस्ट गार्ड के पोत पीएस जोरोस्टर का सफल पुनर्निर्माण (रिफिट) पूरा किया तथा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान को अत्याधुनिक ग्लास कॉकपिट प्रणाली से उन्नत बनाया। इन कदमों से सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
रक्षा और विकास सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के बीच 28 जून 2026 को हुई वार्ता के दौरान भारत ने सेशेल्स को 10 उपयोगी वाहन, पांच लेजर रेडियल श्रेणी की नौकाएं तथा छह एंबुलेंस भेंट कीं। ये सहायता पैकेज दोनों देशों के रक्षा और मानवीय सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। आर्थिक सहयोग के तहत भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। इसमें 125 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रुपये आधारित ऋण सुविधा (लाइन ऑफ क्रेडिट) तथा 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अनुदान सहायता शामिल है। यह सहायता बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को गति देने में सहायक होगी।
क्षेत्रीय सहयोग और हिंद महासागर की सुरक्षा
इस यात्रा के दौरान सेशेल्स ने भारत के नेतृत्व वाली कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) की सदस्यता ग्रहण की। साथ ही यह भी उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में सेशेल्स कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव का छठा पूर्ण सदस्य बना था। यह क्षेत्रीय समूह हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग और आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देता है। भारत की महासागर (एमएएचएएसएजीएआर) दृष्टि—Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions—हिंद महासागर क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला, समावेशी और सुरक्षित बनाए रखने की नीति पर आधारित है। सेशेल्स के साथ बढ़ता सहयोग इसी रणनीतिक दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) किसी तटीय देश की आधार रेखा से 200 समुद्री मील तक फैला समुद्री क्षेत्र होता है।
- गोवा शिपयार्ड लिमिटेड भारत के रक्षा मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
- कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने वाला बहुपक्षीय मंच है।
- कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर (सीडीआरआई) भारत के नेतृत्व में स्थापित एक वैश्विक पहल है, जिसका उद्देश्य आपदा-रोधी अवसंरचना का विकास करना है।
भारत और सेशेल्स के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और आर्थिक साझेदारी का यह विस्तार हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करता है। यह सहयोग न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा, बल्कि ब्लू इकोनॉमी, आपदा प्रबंधन और सतत विकास के क्षेत्र में भी दोनों देशों के संबंधों को दीर्घकालिक आधार प्रदान करेगा।