भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का अमेरिकी प्रस्ताव
अमेरिका ने 3 जून 2026 को भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं से आयात होने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव ट्रंप प्रशासन के दौरान सामने आया और इसे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा की गई सेक्शन 301 जांचों से जोड़ा गया है। अमेरिका का दावा है कि कुछ व्यापारिक साझेदार देशों ने जबरन श्रम से निर्मित वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने या ऐसे प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने में पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। इस प्रस्ताव ने वैश्विक व्यापार जगत में नई चर्चा को जन्म दिया है, जबकि भारत ने आरोपों को अस्वीकार करते हुए द्विपक्षीय वार्ताओं के माध्यम से समाधान की बात कही है।
सेक्शन 301 क्या है?
सेक्शन 301 अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो अमेरिका को कथित अनुचित विदेशी व्यापारिक प्रथाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने की अनुमति देता है। इस प्रावधान के तहत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएसटीआर) विभिन्न देशों की व्यापार नीतियों की जांच कर सकता है। इसका उपयोग बाजार पहुंच, बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन और श्रम मानकों से जुड़े व्यापारिक मामलों में किया जाता है। यदि जांच में अमेरिकी हितों के विरुद्ध गतिविधियां पाई जाती हैं, तो अमेरिका शुल्क वृद्धि या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लागू कर सकता है।
प्रस्तावित शुल्क संरचना
अमेरिकी प्रस्ताव के अनुसार भारत उन 54 देशों में शामिल है जिन पर 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मेक्सिको और पाकिस्तान जैसे छह अन्य आर्थिक क्षेत्रों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का सुझाव दिया गया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि Jamieson Greer के अनुसार कुछ व्यापारिक साझेदार देशों द्वारा जबरन श्रम से जुड़े आयातों को नियंत्रित करने में विफलता अमेरिकी श्रमिकों के लिए असमान प्रतिस्पर्धी वातावरण उत्पन्न करती है।
किन क्षेत्रों को लेकर उठे आरोप
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने भारत से जुड़े कई क्षेत्रों की पहचान की है, जिनमें एल्यूमीनियम, कपास, कोको, मछली, कॉफी, निकेल, पाम ऑयल और चावल शामिल हैं। आरोप यह है कि भारत ने कथित रूप से जबरन श्रम से जुड़े कुछ कच्चे माल का आयात किया और उनसे बने उत्पादों का निर्यात अमेरिका को किया। हालांकि, प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क से कुछ उत्पाद श्रेणियों को छूट देने का भी प्रावधान रखा गया है। इनमें ऊर्जा उत्पाद, दवाइयां, बीफ, कॉफी तथा कुछ फल और सब्जियां शामिल हैं।
आगे की प्रक्रिया और समयसीमा
यह प्रस्ताव अभी अंतिम निर्णय नहीं है और इसे सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया गया है। इच्छुक पक्ष 22 जून 2026 तक सार्वजनिक सुनवाई के लिए अनुरोध प्रस्तुत कर सकते हैं। लिखित टिप्पणियां 6 जुलाई 2026 तक स्वीकार की जाएंगी, जबकि सार्वजनिक सुनवाई 7 जुलाई 2026 को आयोजित होने की योजना है। इन प्रक्रियाओं के बाद प्राप्त सुझावों और प्रतिक्रियाओं के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सेक्शन 301 अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक उपाय प्रावधान है।
- अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय सेक्शन 301 से संबंधित जांचों का संचालन करता है।
- जबरन श्रम से निर्मित वस्तुओं पर प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का महत्वपूर्ण विषय है।
- अमेरिका में बड़े व्यापारिक उपायों को लागू करने से पहले सार्वजनिक टिप्पणियां और सुनवाई आयोजित की जाती हैं।
- व्यापारिक शुल्क किसी देश द्वारा आयातित वस्तुओं पर लगाया जाने वाला कर होता है, जिसका उपयोग घरेलू उद्योगों की सुरक्षा के लिए किया जाता है।
भारत सहित कई देशों पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क वैश्विक व्यापार संबंधों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि यह अभी केवल प्रस्ताव के स्तर पर है, लेकिन यदि इसे लागू किया जाता है तो विभिन्न निर्यात क्षेत्रों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। आने वाले सप्ताहों में सार्वजनिक परामर्श और द्विपक्षीय वार्ताएं इस मुद्दे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।