भारत-वियतनाम ने बढ़ाया समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग

भारत-वियतनाम ने बढ़ाया समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग

भारत और वियतनाम के बीच रक्षा और समुद्री सुरक्षा सहयोग को लेकर मई 2026 में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। 6 मई 2026 को नई दिल्ली और 19 मई 2026 को हनोई में हुई इन बैठकों में भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh और वियतनाम के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री Phan Van Giang ने भाग लिया। दोनों देशों ने रक्षा साझेदारी, सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा निर्माण और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

भारत-वियतनाम रक्षा साझेदारी का विस्तार

भारत और वियतनाम के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। दोनों देशों ने वर्ष 2016 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की थी, जिसे बाद में उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। इस सहयोग के तहत रक्षा संवाद, सैन्य प्रशिक्षण, नौसैनिक संपर्क और संस्थागत आदान-प्रदान नियमित रूप से जारी हैं। भारत और वियतनाम एशिया क्षेत्र में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के महत्वपूर्ण साझेदार माने जाते हैं। दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ सामरिक विश्वास को और मजबूत करने पर भी जोर दिया।

समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र पर चर्चा

बैठकों में समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता प्रमुख विषय रहे। समुद्री सुरक्षा का संबंध समुद्री मार्गों की सुरक्षा, तटीय निगरानी और नौसैनिक समन्वय से होता है। भारत और वियतनाम ने पोर्ट कॉल, संयुक्त सैन्य अभ्यास और नियमित सैन्य संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वर्तमान समय में वैश्विक रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में व्यापारिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए भारत और वियतनाम दोनों सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और स्वतंत्र नौवहन के समर्थन को भी महत्वपूर्ण बताया।

रक्षा उद्योग और नई तकनीक में सहयोग

भारत और वियतनाम ने रक्षा उद्योग में संयुक्त अनुसंधान, सह-विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। दोनों देशों ने आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 19 मई 2026 को दोनों पक्षों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम तकनीक से संबंधित एक समझौता ज्ञापन का भी आदान-प्रदान किया गया। इससे रक्षा तकनीक, संचार और आधुनिक सैन्य प्रणालियों के विकास में सहयोग को नई दिशा मिलने की संभावना है।

रक्षा शिक्षा और प्रशिक्षण सहयोग

भारत और वियतनाम के बीच रक्षा शिक्षा क्षेत्र में भी सहयोग लगातार बढ़ रहा है। 19 मई 2026 को Rajnath Singh और Phan Van Giang ने संयुक्त रूप से वियतनाम एयर फोर्स ऑफिसर कॉलेज में एक भाषा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, शैक्षणिक आदान-प्रदान और संस्थागत सहयोग को भविष्य में और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इससे रक्षा कर्मियों की क्षमता निर्माण और तकनीकी दक्षता में सुधार होगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वियतनाम दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन यानी आसियान का सदस्य देश है।
  • इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हिंद महासागर तथा पश्चिमी और मध्य प्रशांत महासागर शामिल हैं।
  • पोर्ट कॉल का अर्थ नौसैनिक जहाजों की विदेशी बंदरगाहों पर आधिकारिक यात्रा से होता है।
  • क्वांटम तकनीक में क्वांटम मैकेनिक्स के सिद्धांतों का उपयोग कंप्यूटिंग, संचार और सेंसर तकनीक में किया जाता है।

भारत और वियतनाम के बीच बढ़ता रक्षा और समुद्री सहयोग एशिया क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आधुनिक तकनीक, सैन्य प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा में दोनों देशों की साझेदारी आने वाले वर्षों में और अधिक गहरी होने की संभावना है।

Originally written on May 19, 2026 and last modified on May 19, 2026.

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