भारत-वियतनाम तटरक्षक सहयोग से समुद्री सुरक्षा साझेदारी को नई गति

भारत-वियतनाम तटरक्षक सहयोग से समुद्री सुरक्षा साझेदारी को नई गति

भारतीय तटरक्षक बल और वियतनाम तटरक्षक बल के बीच 7वीं उच्च स्तरीय बैठक 25 अगस्त 2026 को चेन्नई स्थित तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय में हुई। यह बैठक 2015 के तटरक्षक सहयोग समझौते के तहत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य दोनों देशों की समुद्री एजेंसियों के बीच नियमित और संस्थागत सहयोग को मजबूत करना है। बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेेश शिवमणि और वियतनाम तटरक्षक बल के उप-कमांडेंट मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हुंग ने की।

समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित द्विपक्षीय संवाद

इस बैठक में समुद्री खोज एवं बचाव, समुद्री कानून प्रवर्तन, समुद्री प्रदूषण प्रतिक्रिया और संस्थागत क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। तटरक्षक सहयोग का दायरा सामान्यतः समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रतिक्रिया, सूचना साझा करने और समुद्री क्षेत्र में समन्वय तक फैला होता है। दोनों पक्षों ने नियमित संस्थागत संपर्क बढ़ाने, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने और एक-दूसरे के पोतों की पारस्परिक यात्राएं बढ़ाने पर सहमति जताई।

चेन्नई और कट्टुपल्ली में हुआ परिचयात्मक दौरा

वियतनाम तटरक्षक जहाज CSB 8002 24 अगस्त 2026 को छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चेन्नई बंदरगाह पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मेजर जनरल लुओंग दिन्ह हुंग ने किया। यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कट्टुपल्ली स्थित एलएंडटी शिपबिल्डिंग सुविधा का भी दौरा किया, जहां उन्हें भारत की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता के बारे में जानकारी दी गई। यह पहल समुद्री क्षेत्र में तकनीकी समझ और औद्योगिक सहयोग को भी रेखांकित करती है।

SAHYOG-HOPTAC अभ्यास से बढ़ेगा परिचालन तालमेल

बैठक के बाद दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसी क्रम में संयुक्त समुद्री अभ्यास SAHYOG-HOPTAC का दूसरा संस्करण 27 अगस्त 2026 को चेन्नई तट के पास समुद्र में आयोजित किया जाना है। ऐसे अभ्यास तटरक्षक बलों को संचार, समन्वय और संयुक्त प्रतिक्रिया क्षमता का अभ्यास करने का अवसर देते हैं। इससे समुद्री घटनाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की तैयारी मजबूत होती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना 1977 में हुई थी और यह रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
  • वियतनाम तटरक्षक बल वियतनाम की समुद्री कानून प्रवर्तन एजेंसी है।
  • समुद्री खोज एवं बचाव को सामान्यतः SAR कहा जाता है।
  • संयुक्त समुद्री अभ्यासों का उद्देश्य परिचालन परिचय, समन्वय और अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाना होता है।

भारत और वियतनाम के तटरक्षक बलों के बीच यह संवाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग की निरंतरता को दर्शाता है। समुद्री सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और संयुक्त अभ्यास जैसे क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Originally written on August 26, 2026 and last modified on August 26, 2026.

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