भारत में 15 मीटर स्लीपर बस को पहली प्रमाणिकता, लंबी दूरी की यात्रा को नई दिशा

भारत में 15 मीटर स्लीपर बस को पहली प्रमाणिकता, लंबी दूरी की यात्रा को नई दिशा

भारत में बस बॉडी निर्माण और यात्री सुरक्षा मानकों के लिहाज से एक अहम कदम सामने आया है। मानेसर, हरियाणा स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) ने 26 अगस्त 2026 को 15 मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए अपना पहला अनुपालन प्रमाणपत्र जारी किया। यह प्रमाणपत्र Synaty Automotive Pvt. Ltd. को केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत और AIS-119 तथा AIS-153 मानकों के अनुरूप दिया गया।

लंबी दूरी की बसों के लिए बड़ा मानक

15 मीटर बस भारत में यात्री परिवहन श्रेणी की सबसे लंबी अनुमेय बस बॉडी संरचनाओं में से एक मानी जाती है। इस तरह की बसें खास तौर पर लंबी दूरी की यात्रा के लिए तैयार की जाती हैं, जहां आराम, सुरक्षा और संरचनात्मक मजबूती तीनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मल्टी-एक्सल डिजाइन के कारण ऐसी बसों में भार का बेहतर वितरण होता है और लंबी यात्रा के दौरान स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलती है।

इस प्रमाणन के साथ यह स्पष्ट होता है कि बड़े आकार की बसों के लिए भी भारत में परीक्षण और मानकीकरण की प्रक्रिया मजबूत हो रही है।

सुरक्षा और निर्माण मानकों पर कड़ी जांच

यह बस AIS-119 और AIS-153 मानकों के तहत प्रमाणित की गई है। ये दोनों ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड बस बॉडी निर्माण और सुरक्षा आवश्यकताओं से जुड़े हैं। परीक्षण के दौरान संरचनात्मक मजबूती, अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन सुरक्षा, यात्रियों की आवाजाही और यात्रा के दौरान आराम जैसे पहलुओं की जांच की गई।

ऐसे परीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि बस का आकार बड़ा होने के साथ-साथ उसमें यात्रियों की सुरक्षा, निकासी व्यवस्था और बॉडी स्ट्रक्चर की विश्वसनीयता भी उतनी ही अहम हो जाती है।

यात्री क्षमता और बस के प्रकार

इस 15 मीटर बस के दो प्रमुख संस्करण तैयार किए गए हैं। पूरी तरह स्लीपर वेरिएंट में 42 बर्थ की क्षमता है, जबकि हाइब्रिड स्लीपर वेरिएंट को 21 बर्थ और 42 सीटों के साथ कॉन्फ़िगर किया गया है। यह व्यवस्था लंबी दूरी की उन सेवाओं के लिए उपयोगी हो सकती है, जहां दिन और रात दोनों तरह की यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखना पड़ता है।

ICAT जैसी संस्था का प्रमाणपत्र किसी वाहन के केवल डिजाइन को नहीं, बल्कि उसके नियामकीय अनुपालन को भी मान्यता देता है। यही कारण है कि यह प्रमाणन उद्योग और परिवहन क्षेत्र दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ICAT का पूरा नाम इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी है।
  • ICAT का मुख्य केंद्र मानेसर, हरियाणा में स्थित है।
  • AIS-119 और AIS-153 बस बॉडी निर्माण और सुरक्षा से जुड़े ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड हैं।
  • केंद्रीय मोटर वाहन नियम भारत में वाहन निर्माण और सुरक्षा अनुपालन का नियामकीय आधार हैं।

इस प्रमाणन से भारत में बड़े आकार की यात्री बसों के लिए मानकीकृत और सुरक्षित निर्माण की दिशा मजबूत होती है। लंबी दूरी के परिवहन में ऐसी तकनीकी स्वीकृतियां भविष्य की बस सेवाओं के स्वरूप को प्रभावित कर सकती हैं।

Originally written on August 26, 2026 and last modified on August 26, 2026.

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