भारत में राउंड-द-क्लॉक हरित बिजली की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर

भारत में राउंड-द-क्लॉक हरित बिजली की कीमत रिकॉर्ड निचले स्तर पर

भारत में राउंड-द-क्लॉक (RTC) नवीकरणीय बिजली की बोली में 7 अगस्त 2026 को ₹5.25 प्रति यूनिट का रिकॉर्ड-निम्न टैरिफ सामने आया। नई दिल्ली में आयोजित 7वें CII इंटरनेशनल एनर्जी कॉन्फ्रेंस एंड एग्ज़िबिशन के दौरान घोषित यह नतीजा देश में भरोसेमंद और लगातार उपलब्ध हरित बिजली की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। यह बोली सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) की फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) तथा RTC खरीद से जुड़ी थी।

RTC बिजली क्यों अलग मानी जाती है

RTC नवीकरणीय ऊर्जा का मतलब ऐसी बिजली आपूर्ति से है जो दिन के हर समय ब्लॉकों में उपलब्ध रहने के लिए तैयार की जाती है। सामान्य सौर परियोजनाओं की तरह यह केवल धूप के घंटों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों का संयोजन होता है। इसी वजह से यह मॉडल उन उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी है जिन्हें केवल उत्पादन नहीं, बल्कि तय समय पर सुनिश्चित आपूर्ति चाहिए।

ऊर्जा बाजार में यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब मांग सिर्फ सस्ती बिजली की नहीं, बल्कि ऐसी बिजली की भी है जो ग्रिड की जरूरतों के अनुसार नियंत्रित ढंग से दी जा सके।

SECI की नीलामी में किन कंपनियों को मिली क्षमता

SECI ने SECI-FDRE-RTC-V टेंडर के तहत 1,000 मेगावाट की फर्म और डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी नीलामी आयोजित की। इस नीलामी में पाँच डेवलपर्स ने ₹5.25 प्रति किलोवाट-घंटा की दर पर क्षमता हासिल की। इनमें केंगेरी प्राइम सोलर पावर, रिज़ोल्वेन फोर एनर्जी, हीरो सोलर एनर्जी, EMIF II होल्डिंग और पुरवाह ग्रीन पावर शामिल हैं। इसके अलावा Hexa Climate और Juniper Green Energy ने ₹5.26 प्रति यूनिट पर अतिरिक्त क्षमता प्राप्त की।

यह परिणाम दिखाता है कि भंडारण और हाइब्रिड मॉडल के साथ नवीकरणीय ऊर्जा अब प्रतिस्पर्धी कीमतों पर बड़े पैमाने पर खरीदी जा सकती है।

बोली की शर्तों से क्या संकेत मिलता है

MNRE की टेंडर शर्तों के अनुसार डेवलपर्स को पीक आवर्स में हर टाइम ब्लॉक में कम से कम 90% सुनिश्चित बिजली आपूर्ति बनाए रखनी थी। साथ ही सौर घंटों के दौरान 50% से 60% और बाकी समय में कम से कम 70% आपूर्ति की शर्त रखी गई थी। इन मानकों से स्पष्ट है कि यह केवल उत्पादन आधारित परियोजना नहीं, बल्कि डिलीवरी-आधारित बिजली आपूर्ति मॉडल है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • RTC का पूरा रूप Round-the-Clock Renewable Energy है, यानी हर समय उपलब्ध रहने वाली नवीकरणीय बिजली।
  • SECI, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है।
  • FDRE परियोजनाएँ बिजली को तय समय और तय मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए बनाई जाती हैं।
  • ऊर्जा भंडारण प्रणालियाँ सौर और पवन उत्पादन को मांग के अनुसार संतुलित करने में मदद करती हैं।

यह नीलामी भारत के ऊर्जा संक्रमण में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, क्योंकि अब नवीकरणीय ऊर्जा केवल स्वच्छ विकल्प नहीं, बल्कि विश्वसनीय ग्रिड सप्लाई का भी मजबूत आधार बनती जा रही है।

Originally written on August 8, 2026 and last modified on August 8, 2026.

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