भारत में उच्च शिक्षा में नामांकन 4.5 करोड़ के पार, छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी
भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए शैक्षणिक वर्ष 2023-24 में कुल नामांकन 4.5 करोड़ तक पहुंच गया है। यह संख्या वर्ष 2014-15 के 3.42 करोड़ नामांकन की तुलना में लगभग 31.5 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा 8 जुलाई 2026 को जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में महिला छात्रों का नामांकन 2.24 करोड़ रहा, जो देश में उच्च शिक्षा में बढ़ती महिला भागीदारी को दर्शाता है।
उच्च शिक्षा में लगातार बढ़ रहा नामांकन
भारत में उच्च शिक्षा के अंतर्गत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और डॉक्टरेट स्तर के पाठ्यक्रम विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों तथा राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में संचालित किए जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में कुल 4.5 करोड़ विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा में प्रवेश लिया। इनमें स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में सबसे अधिक 76.8 प्रतिशत छात्रों का नामांकन दर्ज किया गया, जो यह दर्शाता है कि उच्च शिक्षा में स्नातक कार्यक्रमों की सबसे अधिक हिस्सेदारी है।
महिला भागीदारी में लगातार बढ़त
उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। वर्ष 2023-24 में जेंडर पैरिटी इंडेक्स (जीपीआई) 1.08 दर्ज किया गया। जीपीआई का 1.0 से अधिक होना इस बात का संकेत है कि महिला विद्यार्थियों का नामांकन पुरुषों से अधिक है। लगातार सातवें वर्ष महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। वहीं 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग में महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात (GER) 31.2 रहा, जबकि पुरुषों का GER 28.9 दर्ज किया गया। यह आंकड़ा उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता की दिशा में सकारात्मक प्रगति को दर्शाता है।
STEM शिक्षा और शिक्षकों की स्थिति
वर्ष 2023-24 में पहली बार एसटीईएम (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) विषयों में नामांकन 1.02 करोड़ से अधिक पहुंच गया। इन विषयों में महिला छात्रों की हिस्सेदारी बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई, जबकि एक दशक पहले यह 38.4 प्रतिशत थी। विज्ञान संकाय में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक दर्ज की गई। इसके अलावा उच्च शिक्षा संस्थानों में कुल शिक्षकों की संख्या 17.32 लाख पहुंच गई, जिनमें 44.9 प्रतिशत महिलाएं हैं। यह उच्च शिक्षा के शिक्षण क्षेत्र में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति को दर्शाता है।
सामाजिक समावेशन और निजी संस्थानों की भूमिका
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 में निजी महाविद्यालयों में देश के 70 प्रतिशत से अधिक कॉलेज विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त की। सामाजिक वर्गों की बात करें तो अनुसूचित जाति (एससी) के 69.72 लाख, अनुसूचित जनजाति (एसटी) के 28.83 लाख और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के 1.80 करोड़ विद्यार्थियों का उच्च शिक्षा में नामांकन दर्ज किया गया। इससे स्पष्ट होता है कि उच्च शिक्षा में विभिन्न सामाजिक वर्गों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) भारत में उच्च शिक्षा से संबंधित आधिकारिक सांख्यिकीय आंकड़ों का प्रमुख स्रोत है।
- सकल नामांकन अनुपात (GER) किसी आयु वर्ग के पात्र छात्रों में शिक्षा के किसी स्तर पर नामांकित विद्यार्थियों का अनुपात दर्शाता है।
- वर्ष 2023-24 में निजी महाविद्यालयों में 70 प्रतिशत से अधिक कॉलेज विद्यार्थियों ने शिक्षा प्राप्त की।
- वर्ष 2023-24 में एससी के 69.72 लाख, एसटी के 28.83 लाख और ओबीसी के 1.80 करोड़ विद्यार्थियों का उच्च शिक्षा में नामांकन दर्ज किया गया।
उच्च शिक्षा में बढ़ता नामांकन, महिला विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी और एसटीईएम जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति भारत की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। यह प्रगति न केवल मानव संसाधन विकास को गति देगी, बल्कि देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।