भारत बना दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री मानवबल आपूर्तिकर्ता
भारत ने समुद्री रोजगार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए दुनिया के दूसरे सबसे बड़े सेफरर सप्लायर के रूप में जगह बनाई है। 28 जुलाई 2026 तक भारत के 3,11,936 समुद्री पेशेवर वैश्विक कार्यबल का हिस्सा थे, जो दुनिया के कुल सेफरिंग वर्कफोर्स का 12.16% है। BIMCO-ICS Seafarer Workforce Report 2026 के अनुसार भारत अब फिलीपींस के बाद दूसरे स्थान पर है।
समुद्री रोजगार में भारत की तेज़ बढ़त
सेफरर वे पेशेवर होते हैं जो मर्चेंट शिप, कार्गो वेसल, टैंकर और अन्य वाणिज्यिक जहाजों पर काम करते हैं। भारत की यह प्रगति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2015 में देश वैश्विक सेफरिंग वर्कफोर्स में केवल 5.2% हिस्सेदारी के साथ पांचवें स्थान पर था। 2021 में यह हिस्सेदारी बढ़कर 6% हुई और 2026 में 12.16% तक पहुंच गई। यह वृद्धि बताती है कि भारत ने समुद्री प्रशिक्षण, रोजगार अवसरों और अंतरराष्ट्रीय मांग के अनुरूप अपनी क्षमता को लगातार मजबूत किया है।
अधिकारी और रेटिंग्स: भारत की कार्यबल संरचना
रिपोर्ट के अनुसार भारत ने 1,40,718 शिप ऑफिसर उपलब्ध कराए, जो वैश्विक अधिकारी कार्यबल का 13.41% है। वहीं 1,71,218 रेटिंग्स भारत से आए, जो वैश्विक रेटिंग्स कार्यबल का 11.29% बनता है। शिप ऑफिसर वे कर्मी होते हैं जिन पर जहाज पर कमान, नेविगेशन, इंजीनियरिंग या प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है, जबकि रेटिंग्स जहाज पर संचालन, तकनीकी और सहायक कार्य संभालते हैं। 2010 से 2024 के बीच भारतीय सेफरर्स में अधिकारी-से-रेटिंग अनुपात 60:40 से बदलकर 35:65 हो गया। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि भारत से अब अधिक संख्या में ऑपरेशनल और तकनीकी भूमिकाओं के लिए मानवबल उपलब्ध हो रहा है। इसी अवधि में वैश्विक अधिकारी-रेटिंग अनुपात 45:55 रहा।
Mission 20% और महिला भागीदारी में बढ़ोतरी
भारत सरकार का लक्ष्य Mission 20% के तहत वैश्विक सेफरिंग वर्कफोर्स में देश की हिस्सेदारी को 20% तक पहुंचाना है। इस मिशन में प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाना, जहाजों पर अवसर उपलब्ध कराना और डिजिटल सेवाओं का विस्तार शामिल है। DGMA Circular 06 of 2026 के अनुसार, 2010 में 62,267 सेफरर्स की तुलना में 2025 में अलग-अलग भारतीय सेफरर्स की संख्या बढ़कर 3,23,429 हो गई। महिला भागीदारी में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। 2021 में जहां लगभग 1,600 महिला सेफरर्स थीं, वहीं 2025 में यह संख्या 7,000 से अधिक हो गई। यह समुद्री क्षेत्र में समावेशिता और नए अवसरों के विस्तार का संकेत है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दुनिया में सेफरर्स का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता फिलीपींस है, जबकि भारत दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
- BIMCO-ICS Seafarer Workforce Report समुद्री मानवबल पर एक प्रमुख वैश्विक संदर्भ रिपोर्ट मानी जाती है।
- भारत के सेफरिंग वर्कफोर्स में शिप ऑफिसर और रेटिंग्स, दोनों तरह के कर्मी शामिल हैं।
- 2025 में दुनिया भर में 6,223 abandoned seafarers में 1,125 भारतीय थे।
समुद्री क्षेत्र में भारत की यह बढ़त न केवल रोजगार और कौशल विकास का संकेत है, बल्कि वैश्विक शिपिंग उद्योग में देश की बढ़ती भूमिका को भी दिखाती है। आने वाले वर्षों में प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों के विस्तार से यह स्थिति और मजबूत हो सकती है।