भारत के लिए अमेरिकी रक्षा बिक्री मंजूर

भारत के लिए अमेरिकी रक्षा बिक्री मंजूर

18 मई 2026 को अमेरिका ने भारत के लिए दो संभावित विदेशी सैन्य बिक्री प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 428.2 मिलियन डॉलर है। ये प्रस्ताव भारत की एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों और एएच-64ई अपाचे हेलीकॉप्टरों के रखरखाव, तकनीकी सहायता और दीर्घकालिक संचालन क्षमता से जुड़े हैं।

विदेशी सैन्य बिक्री का महत्व

विदेशी सैन्य बिक्री अमेरिका सरकार का एक रक्षा कार्यक्रम है, जिसके तहत मित्र देशों को सैन्य उपकरण, सेवाएं, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे प्रस्तावों में अमेरिकी कांग्रेस को सूचना दी जाती है, ताकि रक्षा बिक्री प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के अनुसार हो सके।

एम777ए2 हॉवित्जर के लिए समर्थन

पहला पैकेज करीब 230 मिलियन डॉलर का है। यह भारत की एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों के दीर्घकालिक रखरखाव से जुड़ा है। इसमें स्पेयर पार्ट्स, मरम्मत सेवाएं, प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, फील्ड सर्विस प्रतिनिधि और डिपो क्षमता जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इस पैकेज के लिए बीएई सिस्टम्स प्रमुख ठेकेदार है। एम777ए2 तोपें 155 मिमी श्रेणी की हल्की तोपें हैं, जिनका उपयोग लंबी दूरी की आर्टिलरी सहायता के लिए किया जाता है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में इनकी तैनाती भारत की सैन्य क्षमता को मजबूत बनाती है।

अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए सहायता

दूसरा पैकेज 198.2 मिलियन डॉलर का है। यह भारत के एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों के फॉलो-ऑन सपोर्ट से संबंधित है। इसमें इंजीनियरिंग सहायता, तकनीकी सहयोग, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, तकनीकी डेटा, प्रकाशन और कर्मियों का प्रशिक्षण शामिल है। बोइंग और लॉकहीड मार्टिन इस पैकेज के प्रमुख ठेकेदार हैं। एएच-64ई अपाचे आधुनिक हमला हेलीकॉप्टर है, जिसे बख्तरबंद लक्ष्यों, जमीनी खतरों और सामरिक अभियानों में उपयोगी माना जाता है।

भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग पिछले वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देशों ने लॉजिस्टिक्स, संचार और सैन्य अंतर-संचालन से जुड़े कई समझौते किए हैं। सेना, नौसेना और वायुसेना स्तर पर नियमित संयुक्त अभ्यास भी इस साझेदारी को व्यावहारिक मजबूती देते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एम777 एक 155 मिमी टोव्ड हॉवित्जर है।
  • एएच-64ई अपाचे अमेरिका की आधुनिक अटैक हेलीकॉप्टर श्रेणी का हिस्सा है।
  • बीएई सिस्टम्स ब्रिटेन की प्रमुख रक्षा कंपनी है।
  • बोइंग और लॉकहीड मार्टिन अमेरिका की बड़ी रक्षा कंपनियों में शामिल हैं।

इन मंजूरियों से भारत की मौजूदा सैन्य प्रणालियों की संचालन क्षमता, रखरखाव और तकनीकी तैयारी को मजबूती मिलेगी। यह कदम भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Originally written on May 19, 2026 and last modified on May 19, 2026.

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