भारत की अध्यक्षता में हैदराबाद में होगा ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों का सम्मेलन
भारत अपनी वर्ष 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 15 और 16 जुलाई को हैदराबाद में ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। यह सम्मेलन श्रम बाजार, कौशल विकास, सामाजिक सुरक्षा और रोजगार नीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा। इस बैठक में विभिन्न सदस्य देशों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य बदलती वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप श्रम क्षेत्र में साझा रणनीतियां विकसित करना और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
ब्रिक्स में श्रम एवं रोजगार सहयोग का महत्व
ब्रिक्स उभरती हुई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक महत्वपूर्ण समूह है, जो वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य और श्रम जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देता है। श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक इस सहयोग का एक औपचारिक मंच है, जहां सदस्य देश रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपने अनुभव साझा करते हैं। हैदराबाद में आयोजित होने वाली इस बैठक में श्रम बाजार के औपचारिकीकरण, रोजगार क्षमता बढ़ाने, कौशल विकास तथा महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी जैसे विषय प्रमुख रूप से चर्चा में रहेंगे।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और प्रमुख प्राथमिकताएं
वर्ष 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास का निर्माण” रखा गया है। इसी दिशा में मई 2026 में केरल के तिरुवनंतपुरम में दूसरा रोजगार कार्य समूह सम्मेलन आयोजित किया गया था। इन बैठकों में सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने, महिलाओं की श्रम भागीदारी बढ़ाने तथा कौशल विकास और रोजगार क्षमता में सुधार जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यावहारिक सहयोग को बढ़ाना और श्रमिकों के लिए बेहतर अवसर सुनिश्चित करना है।
सम्मेलन में भागीदारी और संभावित परिणाम
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया के मुख्य वक्तव्य देने की संभावना है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन, अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ, संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर कार्यालय तथा नियोक्ता एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी भी अपेक्षित है। बैठक के समापन पर ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की संयुक्त घोषणा को अपनाए जाने की संभावना है। ऐसी घोषणाएं सदस्य देशों की साझा नीतिगत सहमति को दर्ज करती हैं और भविष्य के सहयोग की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ब्रिक्स की स्थापना मूल रूप से ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के सहयोग मंच के रूप में हुई थी।
- अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है, जो श्रम मानकों, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर कार्य करती है।
- अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ विश्वभर में सामाजिक सुरक्षा प्रशासन और नीतियों के विकास को बढ़ावा देने वाला प्रमुख संगठन है।
- हैदराबाद, तेलंगाना की राजधानी, अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों की मेजबानी के लिए प्रसिद्ध है।
हैदराबाद में आयोजित होने वाली ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक भारत के लिए वैश्विक श्रम नीति सहयोग को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास, महिलाओं की भागीदारी और रोजगार सृजन जैसे विषयों पर होने वाली चर्चा न केवल सदस्य देशों के लिए उपयोगी होगी, बल्कि भविष्य में श्रमिक कल्याण और समावेशी आर्थिक विकास को भी मजबूती प्रदान करेगी।