भारत और स्वीडन के बीच बनी रणनीतिक साझेदारी
भारत और स्वीडन ने 17 मई 2026 को अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए उन्हें औपचारिक रूप से रणनीतिक साझेदारी में बदल दिया। यह घोषणा स्वीडन के गोथेनबर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के बीच हुई वार्ता के दौरान की गई। नई साझेदारी में हरित परिवर्तन, सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।
चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित साझेदारी
भारत-स्वीडन रणनीतिक साझेदारी को चार प्रमुख स्तंभों के आधार पर तैयार किया गया है। इनमें स्थिरता और सुरक्षा के लिए रणनीतिक संवाद, नई पीढ़ी की आर्थिक साझेदारी, उभरती प्रौद्योगिकी और विश्वसनीय कनेक्टिविटी, तथा “शेपिंग टुमॉरो टुगेदर” के तहत लोग, पर्यावरण, स्वास्थ्य और लचीलापन शामिल हैं। दोनों देशों ने भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना 2026-2030 भी जारी की है। यह योजना राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी, सुरक्षा और जलवायु सहयोग के लिए एक संचालन रोडमैप के रूप में काम करेगी।
हरित ऊर्जा और प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान
भारत और स्वीडन ने हरित परिवर्तन को सहयोग का प्रमुख क्षेत्र माना है। स्वीडन पर्यावरण संरक्षण और हरित तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल है, जबकि भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर तेजी से काम कर रहा है। दोनों देशों ने उभरती प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और विश्वसनीय डिजिटल कनेक्टिविटी को भी साझेदारी का अहम हिस्सा बनाया है। इससे तकनीकी नवाचार और डिजिटल सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
रक्षा और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा
भारत और स्वीडन के बीच रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ रहा है। कई स्वीडिश कंपनियां भारत में उत्पादन इकाइयां स्थापित कर रही हैं। दोनों देशों ने रक्षा उद्योग में दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी पर चर्चा की है। इसके अलावा भारत-स्वीडन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है। इसका उद्देश्य स्टार्टअप, अनुसंधान संस्थानों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को जोड़ना है।
व्यापार और निवेश संबंधों में तेजी
भारत और स्वीडन के बीच वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में व्यापार और निवेश को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। यह साझेदारी स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और सामाजिक लचीलेपन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है। इससे दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंध और मजबूत होने की संभावना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” स्वीडन उत्तरी यूरोप का एक नॉर्डिक देश है जिसकी राजधानी स्टॉकहोम है। ” रणनीतिक साझेदारी देशों के बीच दीर्घकालिक बहु-क्षेत्रीय सहयोग का ढांचा होती है। ” भारत और स्वीडन ने अगले पांच वर्षों में व्यापार और निवेश दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। ” भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना 2026-2030 दोनों देशों के सहयोग का रोडमैप है। भारत और स्वीडन के बीच यह नई रणनीतिक साझेदारी वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाएगी। इससे व्यापार, रक्षा, हरित ऊर्जा और विज्ञान के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।