दिल्ली में महिला समूहों को मिलेगा 10 करोड़ रुपये तक का बिना गारंटी ऋण
दिल्ली सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। 17 मई 2026 को आयोजित मेगा सेल्फ हेल्प ग्रुप मेला-2026 के दौरान सरकार ने घोषणा की कि महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को बिना किसी संपार्श्विक गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में दिल्ली सरकार स्वयं ऋण की गारंटर बनेगी।
महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। योजना के अंतर्गत हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, घरेलू निर्माण, खादी उत्पाद, फैशन, लघु खुदरा व्यापार और डिजिटल कारोबार से जुड़ी महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि बिना गारंटी ऋण मिलने से अधिक महिलाएं औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ सकेंगी और अपने व्यवसाय का विस्तार कर पाएंगी। यह कदम महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ रोजगार सृजन में भी सहायक माना जा रहा है।
क्या होते हैं स्वयं सहायता समूह
स्वयं सहायता समूह यानी सेल्फ हेल्प ग्रुप छोटे और अनौपचारिक समूह होते हैं, जिनमें सदस्य नियमित बचत करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर ऋण प्राप्त करते हैं। भारत में ये समूह विशेष रूप से महिलाओं की आजीविका, सूक्ष्म उद्योग और सामुदायिक आर्थिक विकास से जुड़े होते हैं। इन समूहों को अक्सर बैंक और सरकारी योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और छोटे व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलती है।
रोहिणी में आयोजित हुआ मेगा एसएचजी मेला
यह घोषणा उत्तर-पश्चिम दिल्ली स्थित रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास यूनिटी वन मॉल में आयोजित दो दिवसीय मेगा एसएचजी मेला-2026 के उद्घाटन अवसर पर की गई। मेले में लगभग 24 स्वयं सहायता समूहों ने भाग लिया और अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस आयोजन में खरीदारों और वित्तीय संस्थानों को भी आमंत्रित किया गया, ताकि महिला समूहों को बाजार और ऋण सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिल सके।
आत्मनिर्भर भारत और वोकल फॉर लोकल से जुड़ी पहल
यह योजना आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसी सरकारी अवधारणाओं से भी जुड़ी हुई है। इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देना है। दिल्ली सरकार का यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” स्वयं सहायता समूह नियमित बचत और छोटे ऋण आधारित सामुदायिक समूह होते हैं। ” बिना गारंटी ऋण में जमीन, संपत्ति या जमा राशि गिरवी नहीं रखनी पड़ती। ” खादी उत्पाद भारत की पारंपरिक हाथ से काते और बुने वस्त्रों से जुड़े हैं। ” वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना जिला स्तर पर विशेष उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए चलाई जाती है। महिलाओं के लिए बिना गारंटी बड़े ऋण की यह पहल दिल्ली में महिला उद्यमिता और आर्थिक भागीदारी को नई दिशा दे सकती है। इससे न केवल छोटे व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि महिलाओं की आत्मनिर्भरता और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।