भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग पर उच्चस्तरीय वार्ता

भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग पर उच्चस्तरीय वार्ता

भारत और अमेरिका ने मई 2026 में नई दिल्ली में रक्षा, व्यापार, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, critical minerals, artificial intelligence, परमाणु सहयोग, आतंकवाद-रोधी रणनीति और Indo-Pacific क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय वार्ता की। इन चर्चाओं में अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश सचिव विक्रम मिस्री शामिल रहे।

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी

भारत और अमेरिका के बीच Comprehensive Global Strategic Partnership रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और क्षेत्रीय सहयोग जैसे क्षेत्रों को कवर करती है। फरवरी 2025 में दोनों देशों ने TRUST पहल शुरू की थी। TRUST का पूरा नाम “Transforming the Relationship Utilising Strategic Technology” है। इसे पहले की iCET यानी “Initiative on Critical and Emerging Technology” पहल के उन्नत रूप के तौर पर शुरू किया गया।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

25 मार्च 2026 को नई दिल्ली में भारत-अमेरिका Defence Policy Group की 18वीं बैठक आयोजित हुई। इसकी सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अमेरिका के Under Secretary of War for Policy एल्ब्रिज कोल्बी ने की। बैठक में सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास और उत्पादन, intelligence sharing, संयुक्त सैन्य अभ्यास, लॉजिस्टिक सहयोग और रक्षा तकनीक पर चर्चा हुई। इसके अलावा 31 अक्टूबर 2025 को वॉशिंगटन डी.सी. में 10 वर्षीय “US-India Major Defence Partnership Framework” पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस ढांचे में रक्षा तकनीक, सैन्य सहयोग और संयुक्त अभ्यासों को विस्तार देने की योजना शामिल है।

व्यापार और ऊर्जा सहयोग

मई 2026 में विक्रम मिस्री की वॉशिंगटन यात्रा के दौरान India-U.S. Trade Facilitation Portal लॉन्च किया गया। यह पोर्टल दोनों देशों के बीच व्यापार प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए तैयार किया गया है। भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। फरवरी 2026 में अमेरिका ने भारत के साथ एक बड़े व्यापार समझौते की घोषणा की थी, जिसमें अमेरिकी उत्पादों के लिए बाजार पहुंच, औद्योगिक और कृषि वस्तुओं पर टैरिफ में कमी तथा ऊर्जा और ICT उत्पादों की खरीद शामिल थी।

तकनीक और सप्लाई चेन पर फोकस

दिसंबर 2025 और मई 2026 में वॉशिंगटन में हुई चर्चाओं में resilient supply chains, space cooperation, semiconductors, quantum technology, biotechnology और energy security जैसे क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श हुआ। Indo-Pacific क्षेत्र दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख हिस्सा बना हुआ है।

हाल की प्रमुख बैठकें

23 मई 2026 को मार्को रुबियो ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, रक्षा सहयोग और Indo-Pacific रणनीति पर चर्चा हुई। इसके अगले दिन 24 मई को रुबियो और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच critical minerals, AI, nuclear cooperation, counter-terrorism और वैश्विक मामलों पर विस्तृत वार्ता हुई।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • TRUST का पूरा नाम Transforming the Relationship Utilising Strategic Technology है।
  • iCET का अर्थ Initiative on Critical and Emerging Technology है।
  • India-US Defence Policy Group दोनों देशों के बीच रक्षा संवाद का प्रमुख तंत्र है।
  • Indo-Pacific क्षेत्र भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक राजनीति, रक्षा और तकनीकी क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी को नई मजबूती दे रहा है। व्यापार, सुरक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोग आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों को और गहरा बना सकता है।

Originally written on May 25, 2026 and last modified on May 25, 2026.

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